भारीतय टेस्ट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान (Chetan Chauhan)  का कोविड-19 (COVID-19) संबंधित दिक्कतों के चलते रविवार को निधन हो गया था. भारत के लिए 40 टेस्ट मैच खेलने वाले चौहान दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA)  के उपाध्यक्ष से लेकर मुख्य चयनकर्ता तक कई पदों पर काबिज रहे थे.Also Read - Vaccine for Omicron: दवा कंपनी फाइजर का दावा - 'हमारी बूस्टर डोज Omicron से बचा सकती है'

डीडीसीए के संयुक्त सचिव राजन मनचंदा (Rajan Manchanda) ने बुधवार को कहा कि दिवंगत चेतन चौहान के सम्मान में फिरोजशाह कोटला मैदान (Feroz Shah Kotla Ground) पर दर्शकों के एक स्टैंड को उनके नाम पर रखने के प्रस्ताव पर डीडीसीए की शीर्ष परिषद की अगली बैठक में चर्चा की जाएगी. Also Read - Women's Asian Champions Trophy Hockey: कोरोना की चपेट में आई भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी, Korea के खिलाफ मुकाबला रद्द

‘चेतन जी की याद में उनके सम्मान के लिए कुछ करना चाहिए’ Also Read - Omicron Good News: घबराने की जरूरत नहीं, डेल्टा से ज्यादा गंभीर नहीं Omicron, 'सभी वैक्सीन काम करेंगी'

मनचंदा ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘हमारे सदस्यों से मांग की है कि डीडीसीए को चेतन जी की याद में उनके सम्मान के लिए कुछ करना चाहिए. ज्यादातर सदस्य एक स्टैंड का नाम उनके नाम पर रखने के इच्छुक हैं. मैं अगली शीर्ष परिषद की बैठक में यह मामला उठाऊंगा.’

इन 4 पूर्व खिलाड़ियोंं के नाम पर है स्टैंंड 

डीडीसीए के दो गेट पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) और महिला टीम की पूर्व कप्तान अजुंम चोपड़ा (Anjum Chopra) के नाम पर हैं जहां मंसूर अली खान पटौदी, मोहिंदर अमरनाथ, बिशन सिंह बेदी (Bishen Singh Bedi) और गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) नाम के चार स्टैंड हैं जबकि पवेलियन का नाम मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली के नाम पर है.

सुनील गावस्कर के साथ लंबे समय तक ओपनिंग की भूमिका निभाई 

25 सितंबर 1969 में न्‍यूजीलैंड के भारत दौरे के दौरान टेस्‍ट डेब्‍यू करने वाले चेतन चौहान ने सुनील गावस्‍कर (Sunil Gavaskar) के साथ मिलकर लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम में ओपनर की भूमिका निभाई. दोनों ने साथ मिलकर ओपनिंग जोड़ी के तौर पर तीन हजार से ज्‍यादा रन बनाए. इस दौरान गावस्‍कर और चौहान के बीच 12 बार शतकीय साझेदारी बनी. चेतन चौहान साझेदारी में तो शतक जड़ने में कामयाब रहे लेकिन अपने पूरे टेस्‍ट करियर के दौरान वो कभी सैकड़ा नहीं लगा पाए.