दिगंवत बीजेपी नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) के बेटे रोहन जेटली (Rohan Jaitley) जल्‍द ही दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के चुनाव लड़ सकते हैं. हाई कोर्ट ने हाल ही में डीडीसीए के खाली पड़े अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और चार निदेशकों के पद के लिए चुनाव कराने के आदेश दे दिए हैं.Also Read - Virender Sehwag बोले- गेंदबाजों के कप्तान रहे हैं MS Dhoni, मेंटॉर बनने से बुमराह & कंपनी को होगा फायदा

पूर्व अध्‍यक्ष रजत शर्मा (Rajat Sharma) द्वारा एकाएक इस्‍तीफा दिए जाने के बाद से ही डीडीसीए में चुनाव लंबित पड़े हैं. ऐसे में कुछ सदस्यों ने डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली से इन चुनावों में हिस्सा लेने का आग्रह किया है. Also Read - India vs England- मैनचेस्टर टेस्ट रद्द होने का कारण मैं नहीं, बनाया जा रहा है बलि का बकरा: Ravi Shastri

डीडीसीए की विवादस्पाद हालत को देखते हुए हालांकि कुछ सदस्यों ने रोहन जेटली को फूंक-फूंक कर पांव रखने और पहले अध्यक्ष पद की बजाए निदेशक पद के साथ शुरुआत करने की सलाह दी है. Also Read - T20 World Cup 2021: Ravi Shastri ने दिए संकेत, वर्ल्ड कप के बाद छोड़ देंगे हेड कोच पद

डीडीसीए के अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए और जिस तरह एक निश्चित वर्ग ने जो रजत के साथ किया था, उसे देखते हुए रोहन के लिए यह अच्छा होगा कि वह निदेशक पद से शुरुआत करें ताकि वह कार्यप्रणाली को समझ सकें.

अधिकारी ने कहा, “रोहन एक बाहरी शख्स हैं. जो उन लोगों द्वारा उपयोग में लिए जा सकते हैं, जिन्होंने रजत को घेरे रखा था. वह अच्छे इंसान हैं. उन्हें इंतजार करना चाहिए और हर चीज को समझना चाहिए और एक निदेशक या कुछ और के तौर पर शुरुआत करना चाहिए तथा सदस्यों का विश्वास जीतना चाहिए. हम उन्हें पसंद करते हैं, लेकिन हम उन लोगों को लेकर सावधान रहना चाहते हैं जिन्होंने डीडीसीए को घेर रखा है और रोहन को चुनाव लड़ने के लिए उकसा रहे हैं.”

वहीं दूसरी तरफ ऐसी भी अटकलें हैं कि बीसीसीआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सी.के. खन्ना की पत्नी भी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ सकती हैं. ऐसी खबरें हैं कि विनोद तिहारा और खन्ना एक हो गए हैं और दोनों ने एक साथ चुनावी मैदान में कूदने का फैसला किया है.