भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा और दिल्ली टीम के सीनियर कोच भास्कर पिल्लै सहित कई प्रशिक्षक व सहयोगी स्टाफ वेतन वेतन नहीं मिलने से काफी परेशान हैं. दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) विभिन्न वर्गों की टीमों (सीनियर, उम्र ग्रुप और महिला) के कोचों और सहयोगी स्टाफ को भले ही सैलरी नहीं दी हो बावजूद इसके डीडीसीए ने पिछले 4 महीनों में कानूनी खर्चों के लिए 1.6 करोड़ से ज्यादा रुपये का भुगतान कर दिया है. Also Read - कोविड-19 महामारी के चलते कट सकती है भारतीय क्रिकेटरों की सैलरी

करीब 50 लोगों को अपने वेतन का इंतजार है जिसमें राजकुमार भी शामिल है लेकिन उनके चेक अभी तक मंजूर नहीं किये गए हैं जो करीब 4.5 करोड़ की राशि है. बीसीसीआई टूर्नामेंट में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी भाग्यशाली रहे जिनकी मैच फीस उनके खातों में जमा कर दी गई. Also Read - लॉकडाउन के बीच रवींद्र जडेजा ने की घुड़सवारी, BCCI की तरफ से भी आई प्रतिक्रिया

डीडीसीए ने 1.6 करोड़ रू से ज्यादा की कानूनी फीस दी, लेकिन कोचों और सहयोगी स्टाफ को वेतन का इंतजार Also Read - BCCI अधिकारी का प्रस्‍ताव, अगर टी20 विश्‍व कप रद्द हुआ तो अक्‍टूबर-नवंबर में हो IPL

डीडीसीए के संयुक्त सचिव राजन मनचंदा ने कहा, ‘बीसीसीआई ने भुगतान कर दिया है. डीडीसीए के पास 11 करोड़ रुपये हैं. पता नहीं कि अभी तक प्रशिक्षकों, फिजियो और मालिशिये को वेतन क्यों नहीं दिया गया है. कोविड​​-19 लॉकडाउन अभी शुरू हुआ है लेकिन ये भुगतान लंबे समय से लंबित हैं.’

मनचंदा ने कहा कि केवल कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश बंसल और सचिव विनोद तिहारा ही इस सवाल का जवाब दे सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक हूं. लेकिन आपको सचिव और कार्यवाहक अध्यक्ष से पूछने की जरूरत है कि क्या हो रहा है. मुझे अपनी भूमिका नहीं पता है.’ हालांकि तिहारा और बसंल टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे.

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गौरतलब है कि डीडीसीए में सबकुछ ठीक नहीं है ये जगजाहिर है. पिछले साल सालाना बैठक के दौरान उस समय शर्मनाक स्थिति बन गई जब स्टेज पर ही पदाधिकारी एक-दूसरे पर घूंसे बरसाने लगे. इस घटनाक्रम का विडियो भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और वर्तमान में बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने ट्विटर पर शेयर किया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.

(इनपुट-भाषा)