FIFA World Cup 2026: दुनिया इकलौता खिलाड़ी जिसने 3 देशों के लिए खेला फीफा वर्ल्ड कप, आजतक नहीं तोड़ पाया कोई रिकॉर्ड

Written By: Rishabh Kumar Updated by: Rishabh Kumar
Updated Date:June 18, 2026 8:44 PM IST

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप का खुमार पूरी दुनिया पर चढ़ा हुआ है. ऐसे में क्या आप उस इकलौते खिलाड़ी के बारे में जानते हैं जिसने एक दो नहीं तीन देशों के लिए फीफा वर्ल्डकप खेला है. इस स्टोरी में हम आपको इसी खिलाड़ी के बारे में बता रहे हैं.

इन दिनों FIFA World Cup 2026 की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. इस बड़े टूर्नामेंट ने कई महान खिलाड़ियों को पहचान दिलाई है. लेकिन फुटबॉल इतिहास में एक ऐसा खिलाड़ी भी रहा है, जिसने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया. यह खिलाड़ी हैं देजान स्टैंकोविच. वह दुनिया के इकलौते फुटबॉलर हैं जिन्होंने तीन अलग-अलग देशों की ओर से फीफा वर्ल्ड कप खेला. यह उपलब्धि उन्हें फुटबॉल इतिहास के सबसे खास खिलाड़ियों में शामिल करती है.

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तीन देशों की जर्सी में दिखे स्टैंकोविच

देजान स्टैंकोविच का जन्म सर्बिया में हुआ था. जब उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की, तब उनका देश यूगोस्लाविया का हिस्सा था. उन्होंने 1998 में फ्रांस में हुए FIFA World Cup में यूगोस्लाविया का प्रतिनिधित्व किया. इसके बाद राजनीतिक बदलावों की वजह से यूगोस्लाविया का स्वरूप बदला और सर्बिया-मोंटेनेग्रो नाम का नया देश बना. स्टैंकोविच ने 2006 फीफा विश्वकप में इसी टीम की ओर से खेला. बाद में सर्बिया एक स्वतंत्र देश बन गया और 2010 World Cup में उन्होंने सर्बिया की टीम का प्रतिनिधित्व किया.

19 साल की उम्र में बने स्टार

1998 फीफा विश्वकप के दौरान स्टैंकोविच सिर्फ 19 साल के थे. वह लंबे कद के मिडफील्डर थे और अपनी दमदार लॉन्ग-रेंज शॉट्स के लिए मशहूर थे. विश्वकप क्वालिफिकेशन में उन्होंने तीन गोल किए थे और अपनी प्रतिभा से सभी का ध्यान खींचा था. हालांकि उस टूर्नामेंट में उनकी टीम राउंड ऑफ 16 से आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन स्टैंकोविच ने खुद को एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर लिया था.

कप्तान के रूप में भी निभाई अहम भूमिका

2006 फीफा विश्वकप में स्टैंकोविच ने सर्बिया और मोंटेनेग्रो टीम की कप्तानी की. उस समय देश में बड़े राजनीतिक बदलाव चल रहे थे. टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई. इसके बावजूद स्टैंकोविच अपनी लीडरशिप और अनुभव के कारण टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे. उनके खेल और नेतृत्व की काफी सराहना हुई.

2010 में खेला आखिरी World Cup

2010 फीफा विश्वकप स्टैंकोविच के करियर का आखिरी वर्ल्ड कप साबित हुआ. इस बार उन्होंने स्वतंत्र सर्बिया की कप्तानी की. टूर्नामेंट में सर्बिया ने जर्मनी जैसी मजबूत टीम को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था. यह जीत आज भी सर्बियाई फुटबॉल के यादगार पलों में गिनी जाती है. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में स्टैंकोविच ने 103 मैच खेले और 15 गोल किए. तीन अलग-अलग देशों के लिए World Cup खेलने का उनका रिकॉर्ड आज भी कायम है और फुटबॉल इतिहास में उन्हें एक अनोखी पहचान दिलाता है.

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