नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट ने शहर की एक रेस्ट्रो बार श्रृंखला और उसके मालिक से भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर की उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने टैगलाइन में उनके नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. इससे पहले एकल न्यायाधीश की पीठ ने गंभीर की याचिका खारिज कर दी थी. Also Read - Gautam Gambhir Donated One Crore Rupees for Ram Mandir: गौतम गंभीर ने राम मंदिर के लिए 1 करोड़ रुपए दान दिए, कही ये बात

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यह मामला न्यायमूर्ति जी एस सिसतानी और संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ के समक्ष आया जिन्होंने डीएपी एंड कंपनी को नोटिस जारी किया. इसके पश्चिम दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में घुंघरू और हवालात नामक दो पब हैं. दोनों पब के मालिक का नाम भी गौतम गंभीर है. Also Read - पुलिस की ज़मीन पर हुआ अतिक्रमण, जज बोलीं- मुझे ये सुनकर मज़ा आया, अब...

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इससे पहले एकल पीठ ने यह कहकर पिछले साल 13 दिसंबर को गंभीर की याचिका खारिज कर दी थी कि ऐसा कुछ भी साबित नहीं हुआ है कि वादी ( गंभीर ) को प्रतिवादी ( पब के मालिक ) द्वारा उनके नाम के इस्तेमाल से क्रिकेट के क्षेत्र में कोई नुकसान हुआ है.

क्रिकेटर गंभीर ने सीनियर एडवोकेट राजीव नायर के मार्फत दलील दी थी कि गौतम गंभीर नाम से क्रिकेटर का ही ख्याल आता है.

उन्होंने कहा कि क्रिकेटर को नवंबर 2016 में पता चला कि पब मालिक बाय गौतम गंभीर टैग लाइन से रेस्त्रां चला रहे थे जबकि उनका इससे कोई सरोकार नहीं है.