गुरूवार को भारतीय दिग्गज विराट कोहली (Virat Kohli) ने आगामी टी20 विश्व कप के बाद टी20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। हालांकि कोहली के टी20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने की अफवाह काफी समय से चल रही थी लेकिन बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने इसे खारिज कर दिया था।Also Read - भारतीय कप्तान विराट कोहली की खेल भावना से प्रभावित हुईं पाकिस्तान की पूर्व क्रिकेटर सना मीर

वर्कलोड मैनेजमेंट और उनकी हालिया फॉर्म को कोहली के टी20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के पीछे का कारण माना जा रहा है। लेकिन उनके टी20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान करने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि जल्द ही वनडे की कप्तानी भी उनसे छीनी जा सकती है। Also Read - पाकिस्तान के खिलाफ प्लेइंग इलेवन चुनने में टीम इंडिया से हुई दो बड़ी गलतियां; पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने कही ये बात

पीटीआई से बातचीत में बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया, ‘‘विराट को पता है कि अगर टीम यूएई में टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो उन्हें सीमित ओवरों की कप्तान से हटाया जा सकता था। जहां तक सीमित ओवरों की कप्तानी का सवाल है तो उसने हटकर अच्छा किया है।’’ Also Read - VIDEO: क्या पाकिस्तान के खिलाफ मैच में नो-बॉल पर आउट हुए थे केएल राहुल, जानें क्या है सच्चाई

उन्होंने कहा, ‘‘उसने अपने ऊपर से थोड़ा दबाव कम किया है क्योंकि ऐसा लग रहा है कि वो अपनी शर्तों पर ये काम कर रहा था। अगर टी20 में प्रदर्शन में गिरावट आती है तो शायद 50 ओवर में फॉर्मेट में ऐसा नहीं हो।’’

यानि कि अगर यूएई में होने वाले टी20 विश्व कप में भारत ट्रॉफी जीतने में नाकाम रहता है तो कोहली को 2023 में होने वाले वनडे विश्व कप में बतौर बल्लेबाज उतरना पड़ सकता है।

ड्रेसिंग रूम में रोहित ही हैं कप्तान

इसमें कोई संदेह नहीं कि ड्रेसिंग रूम में भी उप कप्तान रोहित शर्मा को ‘नेतृत्वकर्ता’ माना जाता है जिन्होंने युवा खिलाड़ियों को साथ लेकर चलना सीख लिया है और वो इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस के साथ साल दर साल ऐसा करते आए हैं। कोहली को पिछले कुछ समय से ड्रेसिंग रूप में पूरा समर्थन हासिल नहीं है। उनको करीब से देखने वालों का मानना है कि उनकी कार्यशैली में लचीलापन नहीं है।

साउथम्पटन में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में दो स्पिनरों के साथ उतरना हो या 2019 विश्व कप से पहले चौथे स्थान पर किसी खिलाड़ी को स्थापित नहीं होने देना, उनके अंदर लचीलेपन की कमी देखने को मिलती है। भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में भले ही 2-1 की बढ़त बनाई हो लेकिन दुनिया के नंबर एक ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को नहीं खिलाने के फैसले पर सवाल उठते हैं।

पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडीलेड टेस्ट से पूर्व उन्हें पूर्ण समर्थन हासिल था लेकिन उस मैच में भारत के 36 रन पर सिमटने और फिर कोहली ने पितृत्व अवकाश पर जाने से चीजें काफी बदल गई। किसी ने खुलकर नहीं कहा लेकिन भारत ने जब अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ खेल रहे ऑस्ट्रेलिया को बिना कोहली के अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में हराया तो खिलाड़ी एकजुट महसूस कर रहे थे।

मैदान के बाहर विराट कोहली के बातचीत करना मुश्किल

एक पूर्व खिलाड़ी ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान पीटीआई से कहा था, ‘‘विराट के साथ समस्या संवाद की है। महेंद्र सिंह धोनी के मामले में, उसका कमरा 24 घंटे खुला रहता था और खिलाड़ी अंदर जा सकता था, वीडियो गेम खेल सकता था, खाना खा सकता था और जरूरत पड़ने पर क्रिकेट के बारे में बात कर सकता था। मैदान के बाहर कोहली से संपर्क कर पाना बेहद मुश्किल है।”

उन्होंने कहा, ‘‘रोहित में धोनी की झलक है लेकिन अलग तरीके से। वो जूनियर खिलाड़ियों को खाने पर ले जाता है, जब वो निराश होते हैं तो उनकी पीठ थपथपाता है और उसे खिलाड़ियों के मानसिक पहलू के बारे में पता है।’’

जहां तक जूनियर खिलाड़ियों का सवाल है तो कोहली के खिलाफ सबसे बड़ी शिकायत ये है कि वो मुश्किल समय में उन्हें मझधार में छोड़ देते हैं। एक अन्य क्रिकेटर ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में पांच विकेट के बाद कुलदीप यादव टीम प्लान से बाहर हो गया। रिषभ पंत जब फॉर्म में नहीं था तो उसके साथ भी ऐसा ही हुआ। भारतीय पिचों पर ठोस प्रदर्शन करने वाले सीनियर गेंदबाज उमेश यादव को कभी ये जवाब नहीं मिला कि किसी के चोटिल नहीं होने तक उनके नाम पर विचार क्यों नहीं किया जाता।’’

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को जारी बोर्ड की प्रेस विज्ञप्ति के रोचक पहलू के संदर्भ में कहा,‘‘अगर आप सौरव और जय शाह के बयान देखो, दोनों ने शुभकामनाएं दी हैं लेकिन एक भी शब्द नहीं कहा कि वो 2023 विश्व कप तक कप्तान रहेगा या नहीं। इसलिए वो कप्तान रहेगा इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।’’

रोहित को उप कप्तानी से हटवाना चाहते थे कोहली

कहा जा रहा है कि कोहली चयन समिति के पास ये प्रस्ताव लेकर गए थे कि रोहित को वनडे उप कप्तानी से हटा दिया जाए क्योंकि वो 34 साल के हैं। वो चाहते थे कि वनडे टीम की उप कप्तानी लोकेश राहुल को सौंपी जाए जबकि टी20 में ये जिम्मेदारी पंत निभाएं। सूत्र ने कहा, ‘‘बोर्ड को ये पसंद नहीं आया जिसका मानना है कि कोहली असल उत्तराधिकारी नहीं चाहते।’’

कोहली के टी20 कप्तानी छोड़ने पर रोहित को ये जिम्मेदारी मिलना लगभग तय है और ऐसे में पंत, राहुल और जसप्रीत बुमराह उप कप्तानी के दावेदार हो सकते हैं।

दिल्ली कैपिटल्स की टीम अगर आईपीएल खिताब जीत लेती है तो उसके कप्तान पंत सबसे बड़े दावेदार बन जाएंगे। सूत्र ने कहा, ‘‘पंत मजबूत दावेदार है लेकिन आप राहुल को नहीं नकार सकते क्योंकि वह भी आईपीएल कप्तान है। जसप्रीत बुमराह भी छिपा रूस्तम साबित हो सकते हैं।’’