नई दिल्ली. सुपर संडे को कोलंबो के प्रेमदासा मैदान पर एक ऐसा कमाल हुआ जिसे क्रिकेट के इतिहास लंबे वक्त के लिए याद किया जाएगा. बांग्लादेश के खिलाफ निदाहस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मैच की आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर दिनेश कार्तिक ने टीम इंडिया को जिस तरह की रोमांचक जीत दिलाई वो किसी चमत्कार से कम नहीं था. और, ऐसा सिर्फ हम ही नहीं बल्कि बांग्लादेशी कप्तान शकीब अल हसन ने बी स्वीकार किया है. शाकिब ने कहा, “इस तरह की बल्लेबाजी इतिहास में कम हुई हैं, कार्तिक ने जैसे खेला वो चमत्कारिक बल्लेबाजी थी. ”Also Read - अगर लोग बकवास करते हैं तो उन्हें जवाब नहीं दूंगा: कप्तानी छोड़ने के सवालों पर कोहली का बड़ा बयान

धोनी के ‘फंडे’ से हारा बांग्लादेश ! Also Read - T20 World Cup 2021 मुकाबले से पहले विराट कोहली ने कहा- बेहद मजबूत टीम है पाकिस्तान

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कोलंबो में कार्तिक की चमत्कारिक पारी के पीछे की असली वजह धोनी थे. दरअसल, ये धोनी के फंडे ही थे जिन्हें आजमा कर दिनेश कार्तिक ने बांग्लादेशियों की बैंड बजाई और मैच को जबरदस्त फीनिशिंग टच देते हुए भारत को निदाहस ट्रॉफी का चैम्पियन भी बनाया. मैच के बाद कार्तिक ने खुद इस बात का खुलासा किया. Also Read - दिल्ली के खिलाफ हार के बाद MS Dhoni के समर्थन में उतरे कोच फ्लेमिंग; कहा- इस विकेट पर सभी ने संघर्ष किया

दिनेश कार्तिक ने कहा, ‘ आप धोनी को देखिए वो कितने कूल और शांत रहते हैं. वर्ल्ड क्रिकेट में उनके जैसा कोई नहीं है. मैच में कितना भी दबाव क्यों ना हो बल्लेबाजी के दौरान वो हमेशा शांत दिमाग से काम लेते हैं. यही वजह है कि वो मैच फीनिशर की भूमिका में इतने सफल हैं. मैंने धोनी से काफी कुछ सीखा है जो अब मेरे काम आ रहा है.” साफ है कोलंबो में बांग्लादेश पर दिनेश कार्तिक ने जो बेरहमी बरपाई उसके पीछे कहीं ना कहीं धोनी का रहमों-करम भी था.

DK ने ऐसे किया ‘चमत्कार’ !

निदाहस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में दिनेश कार्तिक जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे थे उस वक्त भारत को जीत के लिए 12 गेंदों पर 34 रन चाहिए थे. कार्तिक ने आते ही रूबेल हुसैन के ओवर में चौके छक्के की बौछार कर दी और इस ओवर से कुल 22 रन बटोरे. अब भारत को आखिरी ओवर में यानी लास्ट की 6 गेंदों पर जीत के लिए चाहिए थे 12 रन .

आख़िरी ओवर की पहली गेंद वाइड, इसके बाद आई गेंद फिर खाली. एक बार फिर लगा कि मैच गया. लेकिन अगली पर शंकर ने जैसे-तैसे रन लिया. दिनेश सामने. लगा कि एक-दो बड़े शॉट और मैच खत्म. लेकिन नहीं. तीसरी गेंद पर कार्तिक को एक रन लेना पड़ा.अब तीन गेंद बची थी और 9 रन चाहिए थे. हार फिर क़रीब दिखने लगी लेकिन तभी विजय शंकर ने सौम्य सरकार की अगली गेंद पर चौका जड़ दिया. अगली गेंद पर छक्का जड़ने के चक्कर में शंकर पवेलियन लौट गए. अब जीत के लिए भारत को 1 गेंद पर 5 रन चाहिए थे. गनीमत ये थी कि स्ट्राइक कार्तिक के पास थी क्योंकि शंकर के कैच आउट होने से पहले वो क्रीज का छोर बदल चुके थे.
अब दिनेश कार्तिक के सामने मैच को भारत की झोली में डालने का एक ही जरिया था और वो था गेंद को हवा में उड़ाते हुए बाउंड्री पार भेजना. इसके लिए उन्होंने मैदान के कवर प्वाइंट को चुना . सौम्य सरकार की ऑफ साइड से बाहर आती लंबी गेंद को कार्तिक ने कवर के ऊपर से छक्का मारकर भारत को यादगार जीत दिला दी.