नई दिल्ली. फिल्म दंगल का वो गाना याद है आपको… वो बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है… कुछ ऐसे ही हानिकारक हो गए हैं महेन्द्र सिंह धोनी अब टीम इंडिया के लिए. जी बेशक, धोनी को रन बनाते देखना हर किसी को पसंद है. हर क्रिकेट फैन ये चाहता है कि धोनी रन बनाए, लंबे-लंबे छक्के लगाएं, जिसके लिए वो जाने जाते हैं. लेकिन, क्रिकेट फील्ड पर धोनी के ये तेवर अब टीम इंडिया को रास नहीं आ रहे. धोनी के रन बनाने की कला से टीम इंडिया को अब डर लगता है. उसमें जीत की दस्तक की जगह हार की आहट सुनाई देती है. और, हम ऐसा यूं ही नहीं कह रहे बल्कि इंग्लैंड दौरे पर हमें इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं.

3 मैच में मिली बल्लेबाजी

इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया के T20 और वनडे सीरीज का अंत हो चुका है. T20 सीरीज टीम इंडिया के नाम रही जबकि वनडे सीरीज पर इंग्लैंड ने कब्जा जमाया. लेकिन इन दोनों सीरीज के दौरान धोनी का रन बनाना टीम इंडिया को सालता दिखा है. T20 और वनडे सीरीज मिलाकर इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया कुल 6 मुकाबले खेल चुकी है. धोनी ने खेले तो इन सभी 6 मुकाबलों में लेकिन बल्लेबाजी का मौका उन्हें सिर्फ 3 मैच में ही मिला.

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रन बनाना हुआ ‘हानिकारक’!

कार्डिफ में खेले दूसरे T20 में धोनी ने 24 गेंदों पर 32 रन बनाए. उसके बाद लॉर्ड्स में खेले दूसरे वनडे में धोनी जब बल्लेबाजी के लिए उतरे तो उन्होंने 59 गेंदों पर 37 रन बनाए. इसके बाद तीसरी बार बल्लेबाजी का मौका इंग्लैंड दौरे पर धोनी को लीड्स में खेले निर्णायक वनडे में मिला, जिसमें उन्होंने 66 गेंदों का सामना करते हुए 42 रन बनाए.

धोनी के रन बनाने से मिलती है हार!

अब जरा इन 3 मुकाबलों के नतीजों पर भी गौर कीजिए. कार्डिफ T20 में टीम इंडिया को 5 विकेट से हार मिली. लॉर्ड्स वनडे में भारत 86 रन से हारा जबकि लीड्स में खेले फाइनल वनडे में उसे 8 विकेट से करारी शिकस्त मिली. इन आंकड़ों से साफ है कि धोनी का रन बनाना टीम इंडिया को कितना भारी पड़ रहा है.