नई दिल्ली : हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम को आईसीसी महिला टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में शानदार फॉर्म चल रही मिताली राज प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं थी. उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल न करने पर टीम मैनेजमेंट की काफी आलोचना की गई. इस मसले पर क्रिकेट प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना एडुल्जी ने सोमवार को कहा कि मिताली को सेमीफाइनल से बाहर रखने के विवादित फैसले पर सवाल नहीं उठाये जा सकते. Also Read - ग्रोइन इंजरी से जूझ रहे David Waner को अब क्‍यों आई Bahubali की याद, बताई वजह

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एडुल्जी ने कहा, ”मुझे लगता है कि तिल का ताड़ बनाया जा रहा है. टीम प्रबंधन (कप्तान हरमनप्रीत कौर, कोच रमेश पोवार, उपकप्तान स्मृति मंधाना और चयनकर्ता सुधा शाह) ने विजयी संयोजन को नहीं छेड़ने का फैसला लिया जो गलत साबित हुआ. भारत जीत जाता तो इस पर कोई सवाल नहीं उठता.’’ Also Read - Australia vs India: तीसरे वनडे मैच में नजर आ सकते हैं ये भारत-ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी

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उन्होंने कहा, ‘‘हम टीम एकादश पर सवाल नहीं उठा सकते. क्रुणाल पांड्या का उदाहरण देखों जिसकी पहले टी20 में काफी धुनाई हुई थी लेकिन उसने कल शानदार वापसी की. खेल में यह सब होता है.’’

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी पूल मैच से बाहर रही मिताली घुटने की चोट से उबरकर इंग्लैंड के खिलाफ खेलने के लिये उपलब्ध थी. उसने टूर्नामेंट में लीग चरण में आयरलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ 51 और 56 रन बनाये थे. हरमनप्रीत को आड़े हाथों लेते हुए मिताली की मैनेजर अनीशा गुप्ता ने कहा था कि मिताली को राजनीति और पक्षपातवाद का शिकार बनाया गया है.

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एडुल्जी ने कहा कि इस तरह के बयान की जरूरत नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिये वह खराब दिन था. बल्लेबाज नहीं चल सके और गेंदबाजी के समय ओस ने मुश्किलें पैदा की. सेमीफाइनल में इस तरह का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं था.’’ उन्होंने यह भी कहा कि हरमनप्रीत और मिताली के साथ सीओए की कोई बैठक अभी नहीं होने जा रही है.