एंजेलो मैथ्यूज द्वारा श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तानी पद से इस्तीफा देने के बाद दिनेश चांदीमल और उपुल थरंगा को नया कप्तान नियुक्त किया गया है. दिनेश चांदीमल को टेस्ट मैचों के लिए और उपुल थरंगा को वनडे और टी20 मैचों के लिए श्रीलंका का कप्तान बनाया गया है. हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहली बार अपनी धरती पर वनडे सीरीज गंवाने के बाद मैथ्यूज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. Also Read - Sri Lanka vs England: रूट की अगुवाई में दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज इंग्लैंड ने श्रीलंका को किया क्लीन स्वीप

इससे साफ हो गया है कि 26 जुलाई से भारत के साथ अपने घर में आयोजित होने वाले तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में कमान दिनेश चांदीमल के हाथों में होगी. चांदीमल भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले शुक्रवार से जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भी श्रीलंका की कप्तानी करेंगे. वह श्रीलंका के 15वें टेस्ट कप्तान होंगे. Also Read - SL vs ENG: सिर्फ 135 पर ढेर हुआ श्रीलंका, इंग्लैंड ने रखी बड़ी बढ़त की नींव

वही छोटे फॉर्मेट के कप्तान उपुल थरंगा इससे पहले चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान मैथ्यूज के चोटिल होने पर श्रीलंका के कार्यवाहक कप्तान बनाए गए थे. वह वनडे में पहली बार श्रीलंका के पूर्वकालिक कप्तान के तौर पर भारत के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में उतरेंगे. Also Read - Sri Lanka vs England, 1st Test: जानें कब और कहां देखें श्रीलंका-इंग्लैंड मैच की LIVE Streaming और टेलीकास्ट

टेस्ट टीम का कप्तान बनाए जाने पर चांदीमल ने कहा, ‘एंजेलो ने हमारे लिए जो काम किया है उसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं. कप्तानी कोई आसान काम नहीं है. वह एक मैच विजेता हैं और मुझे उम्मीद है कि आने वाले सालों में भी वह हमारे लिए ये भूमिका निभाते रहेंगे.

जिम्बाब्वे ने सोमवार को पांचवें वनडे में श्रीलंका को तीन विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली थी. 11वीं रैंक वाली जिम्बाब्वे टीम की ये पिछले आठ सालों में विदेशी धरती पर पहली सीरीज जीत और किसी भी दक्षिण एशियाई देश में पहली सीरीज जीत है.

इस हार के बाद कप्तानी छोड़ने वाले मैथ्यूज ने कहा, ‘मुझे बहुत समर्थन मिला. लेकिन मुझे लगता है कि किसी नई सोच को लाने का ये सबसे सही समय है. मैं एक साल पहले भी इस्तीफा देना चाहता था लेकिन उस समय ये जिम्मेदारी संभालने वाला कोई नहीं था. लेकिन अब मुझे लगता है कि ऐसे लोग हैं जो कप्तानी संभाल सकते हैं. सिर्फ पद पर बने रहने (बिना अच्छे परिणाम) में कोई समझदारी नहीं है, ये मेरा स्टाइल नहीं है.’