भारतीय टीम में विकेटकीपर बल्‍लेबाज की भूमिका निभा चुके दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) आईपीएल में दो साल तक कोलकाता नाइट राइडर्स का नेतृत्‍व कर चुके हैं, लेकिन आज भी उन्‍हें चेन्‍नई सुपर किंग्‍स (Chennai Super Kings) के अपनी टीम से खेलने के लिए बुलावे का इंतजार है. Also Read - फैंस ही नहीं साथी खिलाड़ियों को भी आ रही है धोनी की याद; रैना ने पोस्ट की फोटो तो चहल ने साक्षी से मदद मांगी

आईपीएल को शुरू हुए 13 साल का वक्‍त बीत चुका है लेकिन मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) कभी अपनी होम टीम से आईपीएल नहीं खेल पाए हैं. साल 2008 में पहले आईपीएल के दौरान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को चेन्‍नई सुपर किंग का कप्‍तान बनाया जाना दिनेश कार्तिक के लिए दिल में खंजर लगने जैसा था. Also Read - 35 साल के हुए निदाहास ट्रॉफी के नायक दिनेश कार्तिक, क्रिकेट जगत से आई शुभकामनाएं

वेबसाइट क्रिकबज से बातचीत के दौरान कार्तिक (Dinesh Karthik) ने कहा कि उन्‍हें इस बात का विश्‍वास था कि चेन्‍नई फ्रेंचाइजी 2008 आईपीएल के लिए न सिर्फ उन्‍हें टीम में शामिल करेगी बल्कि कप्‍तानी का मौका भी देगी. Also Read - MS Dhoni के संन्यास की अटकलों पर पत्नी साक्षी बोलीं, नहीं पता ये चीजें कहां से आती हैं

दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) ने कहा, “साल 2008 में टीम ऑस्‍ट्रेलिया में थी और भारत में ऑक्‍शन चल रहे थे. मैं तमिलनाडु क्रिकेट में उस वक्‍त ऐसा बड़ा नाम था जो राष्‍ट्रीय टीम में भी खेल रहा था. मुझे विश्‍वास था कि सीएसके मुझे चुनने वाली है. मन में केवल ये सवाल था कि क्‍या वो मुझे कप्‍तान बनाएंगे या नहीं.”

दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) ने आगे बताया कि फ्रेंचाइजी की पहली च्‍वाइस महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) थी. “उन्‍होंने 1.5 मिलियन में धोनी को अपनी टीम में शामिल किया. धोनी मेरे पास ही बैठे हुए थे पर उन्‍होंने मुझे ये नहीं बताया कि फ्रेंचाइजी ने उन्‍हें चुन लिया है. शायद उस वक्‍त तक धोनी को भी इसकी जानकारी नहीं थी लेकिन वो मेरे दिल में लगा सबसे बड़ी कुलहाड़ी के समान था”

“मुझे लगा कि चेन्‍नई सुपर किंग्‍स मुझे बाद में अपनी टीम में शामिल करेगी. अब 13 साल का वक्‍त बीत चुका है और आज भी मुझे फ्रेंचाइजी की तरफ से टीम में शामिल किए जाने का इंतजार है.”

2008 में दिल्‍ली फ्रेंचाइजी ने दिनेश कार्तिक को अपनी टीम में शामिल किया था. वो पहले तीन साल तक दिल्‍ली की तरफ से ही आईपीएल में खेले थे.