एक समय भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद ऑल राउंडर कहे जाने वाले खिलाड़ी दिनेश मोंगिया (Dinesh Mongia) ने मंगलवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है. बाएं हाथ के बल्लेबाज और गेंदबाज मोंगिया ने एक वक्त पर टीम इंडिया के लिए कुछ महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं. पांच साल के क्रिकेट करियर में मोंगिया ने 2003 विश्व कप में टीम इंडिया के प्लेइंग स्क्वाड में जगह बनाई थी. यही नहीं, इस भारतीय ऑलराउंडर ने फिल्मी दुनिया में भी अपनी किस्मत आजमाई थी. साल 2014 में हुई रिलीज फिल्म ‘कबाब में हड्डी’ में उन्होंने एक्टिंग की थी. बॉलीवुड जगत में भी मोंगिया ज्यादा कमाल नहीं कर सकें. हालांकि, ये फिल्म फ्लॉप होने की वजह से पर्दे पर बहुत कम दिन ही रह सकी.Also Read - केएल राहुल को टेस्ट क्रिकेट खेलने का फॉर्मूला मिल रहा: रविचंद्रन अश्विन

मोंगिया ने साल 2001 में अपना डेब्यू मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. अपने पहले मैच में मोंगिया ने टीम को निराश किया और केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए थे. उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में 57 वनडे खेले थे जिसमें उन्होंने 1230 रन बनाए थे. उन्होंने अपने वनडे करियर में 14 विकेट भी लिए थे.  मोंगिया का ये सफर ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. उन्होंने साल 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ अपना आखिरी अन्तराष्ट्रीय मैच खेला था. उसके बाद से उन्हें टीम इंडिया कभी जगह नहीं दे पाई. Also Read - B Tech हैं Ravichandran Ashwin,क्या है Virat Kohli और Rohit Sharma की एजुकेशनल क्वॉलीफिकेशन! यहां जानें...

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मोंगिया ने अपने करियर में महज एक टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला था. ये मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला गया था और इस मैच में उन्होंने टीम के लिए महत्वपूर्ण 38 रन जोड़े थे. उन्होंने अपने करियर में बस एक शतक लगाया था वो भी जिम्बावे के खिलाफ. इस पारी में मोंगिया ने 17 चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 159 रन बनाए थे. अपने छोटे से करियर में मोंगिया को एक भी टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया. हालांकि, उन्होंने बाद में काउंटी क्रिकेट भी खेला था.

काफी वक्त के इंतजार के बाद मोंगिया को पिछले सत्र में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के चयनकर्ता के रूप में देखा गया था. मोंगिया ने अपने करियर का ये फैसला बहुत देर से तो जरूर लिया है मगर इस फैसले से उन्होंने खुद को ‘आउट ऑफ फेवर’ की उपाधि से मुक्त कर लिया है.