भारत के घरेलू टूर्नामेंटों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) अगर अक्टूबर में होती है तो सीजन में मैचों की संख्या कम करनी पड़ेगी. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है कि भारतीय घरेलू सीजन तभी शुरू होगा जब युवा खिलाड़ियों का रणजी ट्रॉफी मैचों के लिए देश के अंदर यात्रा करना सुरक्षित होगा. Also Read - 'सूर्यकुमार को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए ना चुने जाने की मंशा पर सवाल उठाएं BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली'

घरेलू सीजन 2020-2021 की शुरुआत अगस्त के अंत में विजय हजारे ट्रॉफी के साथ होनी थी जबकि इसके बाद रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का आयोजन होना था. पिछले सत्र में लॉकडाउन की शुरुआत के कारण ईरानी ट्रॉफी को रद्द किया गया था. Also Read - On This Day: विराट कोहली बने थे वनडे में सबसे तेज 10 हजार रन बनाने वाले बल्‍लेबाज, ये खिलाड़ी है नंबर-2

‘हालात सुरक्षित होने के बाद ही हो सकता है’ Also Read - श्रेयस अय्यर के एक बयान से मच गया बवाल, गांगुली बोले- 500 मैच खेल चुका हूं किसी भी वक्‍त...

घरेलू और जूनियर क्रिकेट के बारे में पूछने पर गांगुली ने स्पोर्ट्स तक से कहा, ‘ये जरूरी हैं लेकिन कोरोना वायरस महामारी के नियंत्रित होने के बाद ही ये होंगे. हालात सुरक्षित होने के बाद ही, विशेषकर जूनियर क्रिकेट.’

गांगुली ने कहा कि भारत बड़ा देश है और मैचों के लिए टीमों को एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करनी होती है और इसलिए घरेलू क्रिकेट तब तक शुरू नहीं होगा जब तक कि सब कुछ सुरक्षित नहीं होता.

‘हम युवा खिलाड़ियों को लेकर जोखिम नहीं लेना चाहते’

बीसीसीआई प्रमुख ने कहा, ‘हम युवा खिलाड़ियों को लेकर जोखिम नहीं लेना चाहते. हमारा देश इतना बड़ा है और हमारा घरेलू क्रिकेट इतना मजबूत है कि सभी को खेलने के लिए यात्रा करनी पड़ती है. इसलिए जब तक यह सुरक्षित नहीं होगा तब तक इसका आयोजन नहीं होगा.’

इसी तरह आयु वर्ग के टूर्नामेंटों का आयोजन भी फिलहाल नहीं होगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में गुरुवार को कोरोना वायरस के एक दिन में सर्वाधिक रिकॉर्ड 24,879 मामले सामने आए जिससे कुल मामलों की संख्या 7,67,296 तक पहुंच गई. इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 21,129 तक पहुंच गई है जिसमें 487 लोगों ने एक दिन में जान गंवाई है.