केपटाउन में रिकॉर्डतोड़ शतक के पीछे विराट का 'DSP' फॉर्मूला !

केपटाउन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में जमाए कोहली के बेमिसाल शतक के पीछे असली वजह क्या थी. दरअसल, इसके पीछे काम कर रहा था उनका DSP फॉर्मूला.

Published date india.com Updated: February 8, 2018 10:40 AM IST
'DSP' formula behind kohli century | केपटाउन में रिकॉर्डतोड़ शतक के पीछे विराट का 'DSP' फॉर्मूला !

साकेत कुमार

Highlights

  • केपटाउन में शतक के पीछे विराट का 'DSP' फॉर्मूला
  • कोहली ने केपटाउन वनडे में खेली 160 रन की नाबाद पारी
  • 160 रन में कोहली ने 100 रन दौड़कर बनाए

नई दिल्ली. केपटाउन में विराट कोहली के बल्ले से निकली नाबाद 160 रन की पारी सुर्खियों में है. उनकी इस पारी ने एक बार फिर से वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े बल्लेबाज की बहस को तेज कर दिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केपटाउन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में जमाए कोहली के बेमिसाल शतक के पीछे असली वजह क्या थी. दरअसल, इसके पीछे काम कर रहा था उनका DSP फॉर्मूला.

‘D’ यानी डेडिकेशन, ‘S’ यानी स्टेमिना और ‘P’ यानी पावर. केपटाउन वनडे में कोहली के विराट शतक के पीछे ये तीन बड़े फैक्टर थे. सबसे पहले बात डेडिकेशन की, जो उनकी बल्लेबाजी औसत से साफ झलकता है. वनडे क्रिकेट में कोहली का बल्लेबाजी औसत 57.34 का है, जो कि 35 से ज्यादा इनिंग खेल चुके बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है. वनडे के अलावा कोहली का बल्लेबाजी औसत क्रिकेट के बाकी दो फॉर्मेट यानी टेस्ट और T-20 में भी 50 के पार है. टेस्ट में कोहली का औसत जहां 53.40 है वहीं T-20 में ये औसत 52.86 का है. खास बात ये है कि क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में 50 से ज्यादा का औसत रखने वाले विराट कोहली दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं.

अब बात विराट के स्टेमिना की, जो कि केपटाउन में खेली उनकी शतकीय पारी के दौरान खूब दिखी. साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में कोहली ने 159 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 160 रन बनाए, जिसमें 100 रन उन्होंने दौड़कर लिए. दौड़कर बनाए 100 रनों में कोहली ने 75 रन सिंगल से बनाए, 22 रन डबल दौड़कर पूरे किए, जबकि एक बार वो 3 रन के लिए भागे. वनडे क्रिकेट की एक पारी में दौड़कर 100 रन बनाने वाले वो पहले भारतीय बल्लेबाज हैं. जबकि, दुनिया के पांचवें बल्लेबाज हैं.

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साल 2010 के बाद कोहली की बल्लेबाजी का पावर लगातार बढ़ा है. यही वजह है कि डिविलियर्स और धोनी जैसे ज्यादा स्ट्राइक रेट रखने वाले बल्लेबाज भी अब उनसे पीछे नजर आते हैं. 2010 के बाद के बाद टीम के लिए 300 से ज्यादा के टोटल में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाले बल्लेबाजों की रेस में कोहली सबसे आगे हैं. कोहली 42 बार अपनी टीम के 300 प्लस के स्कोर का भागीदार बने हैं. जबकि अमला और धोनी 38 बार भागीदार बनकर इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं. इनके अलावा एबी डिविलियर्स ने 36 बार अपनी टीम को 300 के पार पहुंचाया है. 

केपटाउन में शतक के पीछे कोहली का DSP फॉर्मूला तो आपने जान लिया. अब जरा इस फॉर्मूले के पीछे की सोच को भी समझ लीजिए, जिसका खुलासा खुद कोहली ने न्यूलैंड्स मैदान पर खेले रिकॉर्डतोड़ शतक के बाद किया है. विराट कोहली के मुताबिक, ” मैं चाहता था कि अंत तक बल्लेबाजी करूं ताकि टीम का स्कोर 300 के पार पहुंच सके. बतौर कप्तान ऐसा कर मुझे काफी खुशी हुई है. ”

साफ है , कोहली अपने प्लान में पूरी तरह से कामयाब रहे. वैसे भी जब तक सोच मजबूत नहीं होगी बुलंद जीत की इमारत खड़ी नहीं की जा सकती. केपटाउन में कोहली अपनी इसी दमदार सोच और DSP फॉर्मूले के साथ जीत की नायाब स्क्रिप्ट लिखने में कामयाब रहे.

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