नई दिल्ली : भारत की स्टार धावक दुती चंद ने एक बड़ा खुलासा किया है. दुती ने बताया है कि वो समलैंगिक हैं. वो इस तरह का खुलासा करने वाली पहली भारतीय एथिलीट बन गईं हैं. दुती एशियन गेम्स 2018 में भारत को दो सिल्वर मेडल दिला चुकी हैं. उन्होंने एक इंग्लिश न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में कहा कि वो समलैंगिक हैं. उनकी पार्टनर उड़ीसा की रहने वाली हैं. लेकिन दुती ने अपने पार्टनर के बार में कुछ भी नहीं कहा. उनका कहना है कि सभी को यह आजादी होनी चाहिए कि वो किसके साथ जीवन बिताना चाहता है. अहम बात यह है कि दुती ने समलैंगिक लोगों के लिए कई बार आवाज उठाई है.

दुती ने एक इंटरव्यू में कहा, मैंने अपना सोलमेट तलाश लिया है. मैं इस बात पर यक़ीन रखती हूं कि यह आजादी सबके पास है कि वो तय करें कि उन्हें किसके साथ जीवन बिताना है. यह किसी की भी निजी पसंद है. मैंने हमेशा समलैंगिक लोगों का साथ दिया है. उनके लिए आवाज उठाई है. हालांकि अभी मेरा ध्यान वर्ल्ड चैम्पियनशिप पर है. लेकिन इसके साथ मैंने भविष्य का फैसला कर लिया है. मैं अपना जीवन उसी के साथ बिताऊंगा.

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उन्होंने कहा, मेरा इस बात पर भरोसा है कि हर व्यक्ति के पास प्यार की आजादी है. मुझे नहीं लगता कि प्यार से बड़ा कोई इमोशन होता है. इसे इन्कार नहीं किया जा सकता है. भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी पुराने नियम को हटा कर इसे कानूनी तौर पर सही ठहराया है. बतौर एथिलीट मुझ पर किसी को भी अपनी राय बनाने का अधिकार नहीं हैं. यह मेरा निजी निर्णय है, जिसका सम्मान होना चाहिए. मैं भारत के लिए आगे भी मेडल जीतना जारी रखूंगी.

दुती ने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वो कोई अपराध नहीं है. यह हमारी जिंदगी है और हम इसे जैसे चाहे वैसे जी सकते हैं. मैं अभी लोगों की नजरों में हूं क्योंकि मैं अपने देश के लिए खेल रही हूं, लेकिन खेल से अगल होने के बाद भी मुझे जिंदगी जीनी है.”

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उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से उनकी साथी ने उनको पूरो सहयोग दिया है. दुती ने कहा, “वह बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए मेरे साथ नहीं आ पाई है, लेकिन जब मैं खेल रही होती हूं तो वह हमेशा मेरे लिए प्रार्थना करती है. हम दोनों को वास्तव में एक दूसरे के साथ बहुत अधिक समय बिताने का मौका नहीं मिलता है लेकिन वह मेरा बहुत समर्थन करती है.”

दुती ने यह भी बताया कि उन्हें अभी इस बारे में अपने माता-पिता को भी बताना है. उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से देश के लिए खेल रही हूं और अब तक मैंने जो कुछ भी किया है, वे उससे खुश हूं. मुझे उम्मीद है कि वे इसे भी समझेंगे.” ओडिशा के चाका गापालपुर में जन्मी दुती ने पिछले साल हुए एशियाई खेलों में ही दो रजत पदक जीते थे. उनकी नजरें फिलहाल, 2020 टोक्यो ओलम्पिक पर टिकी है.