नई दिल्ली. भारत-इंग्लैंड पहले टेस्ट के लिए एजबेस्टन की पिच का मिजाज तेज गेंदबाजी के अनुकूल आंका गया. इस बुनियाद पर विराट कोहली ने अपनी टीम खड़ी की, जिसमें 3 तेज गेंदबाजों और सिर्फ 1 स्पिनर को जगह मिली. लेकिन जब मुकाबला शुरू हुआ तो टीम इंडिया के कप्तान साहब को समझ में आया कि उनके साथ तो खेल हो चुका है. दरअसल, पिच का मिजाज जैसा बताया गया था वैसा था नहीं. क्योंकि, अगर ऐसा होता तो विराट को 7वें ओवर में ही अश्विन को मोर्चे पर नहीं लगाना पड़ता. अश्विन जब गेंदबाजी को आए तो उन्हें उस पिच पर टर्न मिला जिस पर उछाल और स्विंग होने की गवाही दी जा रही थी. भारतीय टीम के एकमात्र स्पिनर के तौर पर इस मैच में खेल रहे अश्विन को सिर्फ टर्न ही नहीं मिला बल्कि उसकी बदौलत 4 विकेट भी मिले.

पिच की खुली ‘पोल’

मतलब साफ है पिच को समझने में झोलझाल हुई है. ये पिच 1 नहीं बल्कि 2 स्पिनर के साथ उतरने वाली थी. ये पिच अश्विन और कुलदीप दोनों की है. पहली पारी में इंग्लैंड और सस्ते में निपट सकता था. लेकिन जब तक विराट इन बातों को समझते तब तक बर्मिंघम में काफी देर हो चुकी थी.

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इंग्लैंड की ‘चाल’ या ‘चूक’

वैसे विराट वाली गलती भी रूट ने भी की है. वो भी सिर्फ 1 स्पिनर के साथ ही इस टेस्ट में पास होने उतरे हैं. हालांकि, जिस तरह से इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन मुकाबले से एक दिन पहले घोषित की उसे देखकर ये भी हो सकता है कि ये उसकी विराट को उलझाने की चाल हो, जिसमें वो फंसते दिखे हैं. दरअसल, स्पिन इंग्लिश बल्लेबाजों की कमजोरी रही है और यही वजह है कि वो एजबेस्टन की पिच पर दोनों छोरों से टीम इंडिया के स्पिनरों की मार सहन नहीं करना चाहते थे. और, अगर ये इंग्लैंड की चाल नहीं चूक है तो इसमें कोई शक नहीं कि उन्हें भी मोइन अली की कमी खल सकती है.