भारत और पाकिस्तान का मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक है लेकिन इंग्लैंड और पाकिस्तान टीमों के बीच खेले गए मैचों में कई बड़े विवाद हुए हैं। पांच अगस्त से पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले हम आपको इन दोनों टीमों से जुड़े कुछ बड़े विवादों के बारे में बताएंगे। Also Read - बेन स्टोक्स की गैरमौजूदगी का फायदा उठा सकती है पाकिस्तान टीम: गेंदबाजी कोच यूनिस

1956: इंग्लिश खिलाड़ियों ने पाक अंपायर को ‘किडनैप’ किया

पाकिस्तानी अंपायर इदरीस बेग का इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने ‘अपहरण’ कर लिया था, उन्हें पेशावर के टीम होटल में ले जाया गया और उन पर दो बाल्टी पानी डाला गया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान स्वर्गीय डोनाल्ड कैर ने इस घटना को एक शरारत बताकर खारिज कर दिया। लेकिन इस मजाक के बाद में कई विवादों का कारण बना Also Read - CSK के लिए फायदेमंद होंगी यूएई की धीमी पिचें : शेन वाटसन

1987: माइक गेटिंग और शकूर राना

1987 के फैसलावाद टेस्ट के दौरान क्रिकेट इतिहास में मैदान पर हुआ सबसे बदमान बहस हुई थी, जब पाक अंपायर शाकूर राना ने मेहमान टीम के कप्तान माइक गेटिंग पर दूसरे दिन एक फील्डर को अनाधिकृत तौर पर हटाने का आरोप लगाया था। गेटिंग ने कहा था कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है। जब राना ने उन्हें ‘धोखेबाज’ कहा तो गेटिंग स्क्वायर लेग अंपायर से भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि राना ने मैच से तीसरे दिन मैदान पर आने से इंकार कर दिया, जिस वजह से तीसरे दिन मैच नहीं खेला गया लेकिन एक दिन आराम के बाद चौथे दिन खेल शुरू किया जासका। आखिर में गेटिंग से लिखित में माफी मांगनी पड़ी। Also Read - वसीम अकरम बोले, दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट है IPL,पाकिस्तान के PSL के बारे में कही ये बात

1992: स्विंग का संदेह

90 के दशक में इंग्लिश क्रिकेट के लिए रिवर्स स्विंग एक नया फैक्टर था लेकिन पाकिस्तानी तेज गेंदबाज वकार यूनिस और वसीम अकरम इसे घातक हथियार की तरह इस्तेमाल करते थे। लेकिन उनकी सफलता ने अवैध बॉल टैंपरिंग के संदेह को आकर्षित किया और 1992 के लॉर्ड्स वनडे मैच के दौरान ये मामला सामने आया।

खराब मौसम की वजह से मैच दो दिन तक चला। खेल के दूसरे दिन फील्ड अंपायर केन पॉमर और जॉन हैम्पशायर ने थर्ड अंपायर डॉन ऑसलियर के साथ मिलकर ये फैसला किया कि लॉ 42 के अंतर्गत गेंद की जांच की जाएगी। संभावित विवाद की वजह से प्रशासकों ने गेंद बदले जाने के कारण का आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया। जिस वजह से पाक फैंस काफी भड़क गए। इस बीच इंग्लिश क्रिकेटर एलेन लैम्ब ने डेली मिरर को एक इंटरव्यू दिया, जिसका शीर्षक था- ‘पाकिस्तान क्रिकेट में कैसे चीट करती है’।

2006: ओवल में ‘जब्ती’

2006 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम 129 साल में किसी टेस्ट मैच में जब्ती की वजह से हारने वाली पहली टीम बनी। ये घटना ओवल टेस्ट के चौथे दिन दोपहर को शुरू हुई जब अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई अंपायर डेरेल हेयर ने पाकिस्तान टीम को बॉल टैंपरिंग का आरोपी बताकर इंग्लैंड को पांच पेनल्टी रन दिए।

इससे नाराज होकर मेहमान टीम ने चाय के बाद मैदान पर आने से इंकार कर दिया और हेयर ने विंडीज अंपायर बिली डॉक्ट्रोव के साथ मिलकर मैच को जब्त घोषित कर इंग्लैंड को विजेता बनाया।

2010: लॉर्ड्स में ट्रॉट और रियाज का टकराव

साल 2010 के लॉर्ड्स टेस्ट से पहले ही पाकिस्तान का दौरा स्पॉट फिक्सिंग कांड की वजह से विवादों में घिर गया था, जब एक अखबार के स्टिंग ऑपरेशन में तत्कालीन कप्तान सलमान बट ने तेज गेंदबाजों मोहम्मद आमिर और मोहम्मद असद को जानबूझकर नो-बॉल करने का निर्देश दिया था। इन तीनों खिलाड़ियों को जेल जाना पड़ा और बोर्ड ने इन पर बैन भी लगाया था।

इसके बाद जब दोनों टीमों लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वनडे मैच खेलने पहुंचे तो इंग्लैंड के कप्तान जॉनथन ट्रॉट और पाकिस्तान के वहाब रियाज के बीच गहमागहमी हो गई। गौरतलब है कि रियाज फिलहाल इंग्लैंड में मौजूद पाक टीम का हिस्सा हैं, जबकि ट्रॉट को हाल ही में इंग्लिश टीम का बल्लेबाजी सलाहकार नियुक्त किया गया है।