लंदन। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा कि घरेलू स्तर पर 100 गेंदों की प्रतियोगिता की विवादास्पद योजना टेस्ट क्रिकेट में नये दर्शकों को खींच सकती है. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने इस नये फॉर्मेट का प्रस्ताव पेश किया है जिसे ‘द हंड्रेड’ नाम दिया गया है. इसमें पहले 15 ओवर आम ओवरों की तरह छह- छह गेंद के होंगे जबकि आखिरी ओवर दस गेंद का होगा. पिछले सप्ताह इसकी घोषणा के बाद से ही लोग इसको लेकर एकमत नहीं हैं लेकिन इंग्लैंड के कप्तान को यह विचार सही लग रहा है.

ईसीबी का इस नये विचार के पीछे का उद्देश्य नये दर्शकों विशेष महिलाओं और बच्चों को इस खेल से जोड़ना है और रूट का मानना है कि अगर यह प्रारूप चल गया तो इससे खेल के लंबे प्रारूप में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है.

जो रूट को पसंद आया नया फॉर्मेट

रूट ने कहा कि इसमें नये दर्शकों को खेल से जोड़ने की क्षमता लगती है और मुझे लगता है कि यह शानदार है. जितने अधिक लोग और बच्चे खेल से जुड़ेंगे उतना बेहतर होगा. हमें बहुत सतर्कता बरतनी होगी. हमें अन्य प्रारूप से इसकी तुलना नहीं करनी होगी. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाकी फॉर्मेट पर बुरा असर नहीं पड़े लेकिन इसके लिये खेल में जगह है और उम्मीद है कि आने वाले समय में इसे अपनाया जाएगा.

रूट ने कहा कि कुछ ऐसे लोग होंगे जो इसकी तुलना टी 20 से करेंगे और उन्हें चिंता होगी कि इससे टेस्ट क्रिकेट में लोगों की दिलचस्पी और कम हो जाएगी लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि यह खेल से नये लोगों को जोड़ेगा. कोई ऐसा भी हो सकता है जो इससे पहले खेल के बारे में अधिक नहीं जानता हो और फिर हो सकता है कि टेस्ट मैच देखने के लिये जाए और उसमें मगन हो जाए. हमें इसे इस तरह से देखना चाहिए.

ला सकता है क्रिकेट क्रांति

बता दें कि हाल ही में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने क्रिकेट के लिये नए फॉर्मेट का प्रस्ताव पेश किया है जिसमें 100 गेंदों का खेल होगा. इस प्रस्ताव ने कईयों को चौंकाया है जबकि कई इसके पक्ष में भी दिख रहे हैं. अगर ये नया फॉर्मेट लागू हो जाता है तो क्रिकेट की दुनिया में नई क्रांति आ सकती है. ये फॉर्मेट क्रिकेट मैदान पर दोबारा भीड़ ला सकता है.