यूएई में 19 सितंबर से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League 2021) के 14वें सीजन के शुरू होने से पहले इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो (Jonny Bairstow), डेविड मलान (Dawid Malan) और तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स (Chris Woakes) ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। इंग्लैंड के तीनों खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप और एशेज से सजे आगामी सीजन से पहले राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता देने के लिए भारतीय टूर्नामेंट से नाम वापस लिया है।Also Read - IPL 2021, SRH vs RR: सैमसन पर भारी पड़ा विलियमसन का अर्धशतक; हैदराबाद ने राजस्थान को 7 विकेट से हराया

दरअसल भारत के खिलाफ पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच रद्द होने के बाद इंग्लिश फैंस के साथ साथ खिलाड़ी भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बेहद नाराज हैं। माना जा रहा है कि इंग्लिश खिलाड़ी मैनचेस्टर टेस्ट के रद्द होने की वजह से आईपीएल टूर्नामेंट से नाम वापस ले रहे हैं। Also Read - IPL 2021: शानदार फॉर्म में चल रही KKR से कड़े मुकाबले की उम्मीद कर रही है दिल्ली कैपिटल्स

अंग्रेजी मीडिया में छपी खबर के मुताबिक बेयरस्टो, वोक्स और मलान के साथ कई और इंग्लिश खिलाड़ी यूएई में होने वाले भारतीय टूर्नामेंट से पीछे हट सकते हैं। Also Read - IPL 2021, SRH vs RR: संजू सैमसन ने खेली कप्तानी पारी; राजस्थान रॉयल्स ने बनाए 164/5 रन

इससे पहले भी इंग्लैंड के कई पूर्व क्रिकेटरों ने मैनचेस्टर टेस्ट के रद्द होने के लिए बीसीसीआई को जिम्मेदार ठहराया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि पांचवां टेस्ट मैच आईपीएल को फायदा पहुंचाने के लिए रद्द किया गया।

वॉन ने द टेलीग्राफ के लिए लिखे कॉलम में कहा, “ईमानदारी से कहूं तो ये सब पैसे और आईपीएल को लेकर हुआ है। टेस्ट रद्द कर दिया गया है क्योंकि खिलाड़ियों को कोरोना संक्रमण के खतरे और आईपीएल को मिस करने से डर लग रहा होगा।”

उन्होंने कहा, “एक हफ्ते में हम आईपीएल देखेंगे और खिलाड़ी मुस्कुराते और खुश होकर इधर-उधर दौड़ेंगे। लेकिन उन्हें पीसीआर टेस्ट पर भरोसा करना चाहिए था। हम अब इस वायरस के बारे में बहुत कुछ जानते हैं। हम इसे बेहतर तरीके से प्रबंधित और संभालना जानते हैं।”

वॉन ने कहा, “मुझे ये आश्चर्यजनक लगता है कि भारत मैच खेलने के लिए 20 सदस्यीय टीम के 11 खिलाड़ियों को नहीं उतार कर सका। अगर ऐसे खिलाड़ी थे जो अलग होना चाहते थे और खेलना नहीं चाहते थे, तो ठीक है। ये निजी फैसला है। लेकिन भारत को प्लेइंग इलेवन के खिलाड़ियों को मैदान पर उतारने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए थी, भले ही इसका मतलब तीसरी स्ट्रिंग टीम चुनना ही क्यों ना हो। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में बहुत सारे रिजर्व खिलाड़ियों के साथ जीत हासिल की थी।”