अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर कोरोनावायरस का गहरा प्रभाव पड़ा है। फिलहाल इस महामारी की वजह से क्रिकेट पर पूरी तरह से ब्रेक लगा हुआ और संभावना है कि खेल दोबारा शुरू होने पर इस वायरस की वजह से नियमों में कई बदलाव करने पड़ेंगे। आईसीसी की क्रिकेट समिति ने इस महामारी के बाद खेल शुरू होने पर गेंद चमकाने के लिए सलाइवा के इस्तेमाल को बंद करने की सिफारिश की भी की है। Also Read - भारतीय क्रिकेटरों के लिए अभ्यास कैंप आयोजित करने पर काम कर रही है BCCI लेकिन समय सीमा अनिश्चित

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस (Faf Du plessis) का मानना है कि इस बदलाव का आदि होना बेहद मुश्किल है। डु प्लेसिस का कहना है कि वो हर गेंद से पहले फिल्डिंग के लिए तैयार होने के लिए अपने हाथ पर थूंकते हैं। ऐसा करने वाले सिर्फ डु प्लेसिस नहीं हैं। दुनिया का लगभग हर फील्डर ऐसा करता है ताकि गेंद उसके हाथों में आसानी से चिपक सके। Also Read - Coronavirus In Pakistan: पाकिस्तान में संक्रमण के 2,964 नए मामले, आंकड़ा 72 हजार के पार

डु प्लेसिस ने स्टार स्पोटर्स के एक शो पर कहा, “सभी फील्डर्स के लिए ये समान है, जैसा कि ब्रेट (ली) ने बताया, मैं स्लिप पर कैच लेने से पहले हमेशा अपने हाथ पर थूकता हूं। अगर आप रिकी पॉन्टिंग जैसे किसी को देखेंगे तो वो हर बार गेंद पकड़ने से पहले हाथ पर थूकता है।” Also Read - Coronavirus Update: इस देश के प्रधानमंत्री में नहीं थे लक्षण, टेस्ट कराया तो निकले पॉजिटिव, मचा हड़कंप

इस बारे में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली की भी यही राय है। दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि जो क्रिकेटर जिंदगी भर ऐसा (थूक का इस्तेमाल) करते आए हैं, उनके लिए एक दिन में आदत बदलना मुश्किल होगा।

ली ने कहा, “जब आपने 8,9,10 साल की उम्र से कोई चीज करनी शुरू की है तो इसे रातोंरात बदलना मुश्किल होता। इसलिए मुझे लगता है कि ऐसे कई मौके आएंगे जहां आईसीसी को खिलाड़ियों को थोड़ी राहत देना होगी, हालांकि उन्हें चेतावनी दी जा सकती है। ये अच्छा कदम है लेकिन इसे पूरी तरह लागू करने में समय लगेगा क्योंकि क्रिकेटर अपनी पूरी जिंदगी ये करते आए हैं।”