श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि वह अभी भी जम्मू एवं कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) के अध्यक्ष हैं। सोमवार को यहां आयोजित जेकेसीए की बैठक में अब्दुल्ला को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। अब्दुल्ला ने इस बैठक को गैरकानूनी करार दिया और कहा, “मैं जेकेसीए का अध्यक्ष हूं और बना रहूंगा।” यह भी पढ़े:जेकेएसए अध्यक्ष पद से हटाए गए फारुख अब्दुल्लाAlso Read - J&K Encounter: मजदूरों की हत्‍याओं में शामिल LeT के 2 टॉप आतंकी समेत 4 ढेर, NIA ने चार को पकड़ा

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अब्दुल्ला ने सोमवार की बैठक के खिलाफ आपराधिक शिकायत की प्रतियां बांटीं। इसमें कहा गया है कि महबूब इकबाल (जिन्हें सोमवार को क्रिकेट संघ का अध्यक्ष चुना गया) ने सोनावा स्थित संघ के दफ्तर का ताला तोड़कर वहां तोड़फोड़ की है। Also Read - Bihar के डिप्‍टी CM ने कहा- भारत-पाक के बीच T20 WC मैच रुकनी चाहिए, BCCI उपाध्‍यक्ष ने कही ये बात

अब्दुल्ला के मुताबिक इकबाल और उनके लोगों ने दफ्तर से जेकेसीए से जुड़े कई दस्तावेज गायब कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ने अब तक एफआईआर दायर नहीं किया है। एक पुलिस अधिकारी का हवाला देते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि उसने कहा है कि एफआईआर दर्ज करने से पहले वह अपने सीनियर अधिकारियों से बात करना चाहता है।

उल्लेखनीय है कि जेकेसीए ने आंतरिक मतदान के जरिए सोमवार को अब्दुल्ला को अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किया था। राज्य क्रिकेट संघ से जुड़े 64 क्रिकेट क्लबों में से 42 ने आंतरिक मतदान में हिस्सा लिया। राज्य के खेल मंत्री इमरान राजा अंसारी को जेकेसीए का नया अध्यक्ष चुना गया। महबूब इकबाल को नया चेयरमैन, मोहम्मद इकबाल को महासचिव और अब्दुल रौफ को कोषाध्यक्ष बनाया गया।

कार्यसमिति के फैसले से नाराज 77 वर्षीय अब्दुल्ला ने फैसले के खिलाफ तुरंत अदालत का दरवाजा खटखटाया और हस्तक्षेप की मांग की, जिसके बाद अदालत ने अब्दुल्ला को हटाने सम्बंधी फैसले पर रोक लगा दीष यह पहला मौका है जब अब्दुल्ला ने जेकेसीए पर से अपना नियंत्रण खोया है। वह 1980 में पहली बार राज्य क्रिकेट संघ के प्रमुख चुने गए थे।