इंडियन प्रीमिर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस जैसी टीमों के लिए खेलने के बाद सूर्यकुमार यादव अब राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर यादव भारत के लिए वो फिनिशर बन सकते हैं जिसकी उन्हें काफी से तलाश है। Also Read - चेन्नई सुपर किंग्स से बेहतर है मुंबई इंडियंस का रिकॉर्ड: संजय मांजरेकर

अपनी बल्लेबाजी शैली को ‘निडर’ बताने वाले यादव ने हिदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, “पिछले कुछ सालों से मैं अलग अलग स्थितियों में जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहा हूं, मैं अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर फ्लेक्सिबल हूं, मैं सलामी बल्लेबाजी से लेकर सात नंबर तक खेल सकता हूं। मैं जिस ब्रांड का क्रिकेट खेल रहा हूं, मैं उसका आनंद ले रहा हूं। मैं रन बनाने के सिवाय किसी और चीज के बारे में नहीं सोच रहा हूं।” Also Read - मुंबई-चेन्नई के मुकाबलों में लसिथ मलिंगा पर भारी पड़ते हैं महेंद्र सिंह धोनी: स्कॉट स्टायरिस

यादव ने पिछले साल हुए विजय हजारे टूर्नामेंट में 113 के धमाकेदार औसत से 154.79 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की थी। जिसके बाद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में 168.96 की स्ट्राइक रेट से 10 पारियों में 392 रन बनाए थे और टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे। Also Read - युवा खिलाड़ियों के लिए घातक साबित हो सकता है ये ब्रेक : पैडी अपटन

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यादव ने 149 टी20 मैचों में 139.12 की स्ट्राइक रेट और 31.37 की औसत से 3,012 रन बनाए हैं। हालिया घरेलू सीमित ओवर फॉर्मेट में अच्छे प्रदर्शन के बाद यादव को आगामी टी20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीय स्क्वाड का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

यादव ने आगे कहा, “पिछले कुछ सालों में, मुझे लगता है कि मैं फैसला लेने के मामले में ज्यादा शांत हो गया हूं, मैच के दौरान अतिरिक्त सेकेंड्स लेता हूं। मुझे पता कि कौन की स्थिति में कैसा शॉट खेलना है और इससे मुझे काफी मदद मिली है। मेरे लिए दबाव का मतलब है जिम्मेदारी और मौका। अगर दबाव नहीं तो खेल में कोई मजा नहीं, जब आप उसे पार करते हैं तो खेल का ज्यादा मजा लेते हैं।”