मॉस्को: FIFA World Cup के फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हरा दिया. दूसरे हाफ के बाद फ्रांस पूरी तरह हावी हो गया था. दो और गोल दागकर बढ़त 4-1 कर ली. हालांकि क्रोएशिया की टीम ने एक और गोल करके इस अंतर को 4-2 कर दिया. क्रोएशिया ने अच्छी शुरुआत की और पहले हाफ में न सिर्फ गेंद पर अधिक कब्जा जमाये रखा बल्कि इस बीच आक्रामक रणनीति भी अपनाये रखी लेकिन भाग्य फ्रांस के साथ था जिसने बिना किसी प्रयास के दोनों गोल किए. फ्रांस को पहला मौका 18वें मिनट में मिला और वह इसी पर बढ़त बनाने में कामयाब रहा. फ्रांस को दायीं तरफ बाक्स के करीब फ्री किक मिली. ग्रीजमैन का क्रास शॉट गोलकीपर डेनियल सुबासिच की तरफ बढ़ रहा था लेकिन तभी मैंडजुकिच ने उस पर सिर लगा दिया और गेंद गोल में घुस गयी. इस तरह से मैंडजुकिच फाइनल में आत्मघाती गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए.Also Read - Covid Cases, Deaths Surge in Russia: लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामले, मॉस्को में लगा 11 दिन का 'लॉकडाउन'

पेरिसिच ने हालांकि जल्द ही बराबरी का गोल करके क्रोएशियाई दर्शकों और मैंडजुकिच में जोश भरा. पेरिसिच का यह गोल हालांकि दर्शनीय था जिसने लुजनिकी स्टेडियम में बैठे दर्शकों को रोमांचित करने में कसर नहीं छोड़ी. क्रोएशिया को फ्री किक मिली और फ्रांस इसके खतरे को नहीं टाल पाया. पहले मैंडजुकिच ने और डोमागोज विडा ने गेंद विंगर पेरिसिच की तरफ बढ़ायी. उन्होंने थोड़ा समय लिया और फिर बायें पांव से शाट जमाकर गेंद को गोल के हवाले कर दिया. ह्यूगो लोरिस के पास इसका कोई जवाब नहीं था. Also Read - कोविड-19: मास्को में 12 से 17 साल के बच्चों में स्पूतनिक-5 का परीक्षण शुरू

लेकिन इसके तुरंत बाद पेरिसिच की गलती से फ्रांस को पेनल्टी मिल गयी. बाक्स के अंदर गेंद पेरिसिच के हाथ से छू गयी. रेफरी ने वीएआर की मदद ली और फ्रांस को पेनल्टी दे दी. ग्रीजमैन ने उस पर गोल करने में कोई गलती नहीं की. Also Read - Corona vaccine: अजब-गजब ऑफर-कोरोना वैक्सीन लगवाइए और चमचमाती ब्रांड न्यू कार घर ले जाइए

यह 1974 के बाद विश्व कप में पहला अवसर है जबकि फाइनल में मध्यांतर से पहले तीन गोल हुए. क्रोएशिया ने इस संख्या को बढ़ाने के लिये लगातार अच्छे प्रयास किये लेकिन फ्रांस ने अपनी ताकत गोल बचाने पर लगा दी. इस बीच पॉल पोग्बा ने देजान लोवरान को गोल करने से रोका.