मॉस्को: इंग्लैंड की टीम भले ही फीफा विश्व कप में चौथे स्थान पर रही पर कप्तान हैरी केन ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छह गोल कर गोल्डन बूट हासिल करने में सफल रहे. फुटबाल के इस महासमर के शुरू होने से पहले इंग्लैंड को बड़ा दावेदार नहीं माना जा रहा था लेकिन केन ने अपने प्रदर्शन से टीम का मनोबल बढ़ाने के साथ सेमीफाइनल में भी पहुंचाया. उन्होंने छह मैच खेले और इतने ही गोल किये. केन फुटबाल विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले इंग्लैंड के दूसरे खिलाड़ी है. इससे पहले 1986 में मैक्सिको में हुए विश्व कप में गैरी लिनाकर ने गोल्डन बूट जीता था. लिनाकर ने भी छह गोल किये थे. Also Read - फीफा विश्व कप क्वालीफायर में बांग्लादेश के खिलाफ पहली जीत दर्ज करने उतरेगी भारतीय फुटबॉल टीम 

पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो, बेल्जियम के रोमेलु लुकाकु और रूस के डेनिस चेरीशेव चार गोल के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे.फाइनल में गोल करने वाले फ्रांस के युवा सनसनी कालियान एमबापे टूर्नामेंट में तीन गोल ही कर सके. मौजूदा समय में फुटबाल के सबसे बड़े खिलाड़ियों में शामिल अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी और ब्राजील के नेमार विश्व कप में क्रमश: एक और दो गोल ही कर पाये.

युवा खिलाड़ियों से भरी फ्रांस ने 2018 विश्व कप फाइनल में क्रोएशिया को 4-2 से हराकर दूसरी बार ट्राफी अपने नाम की और इसके साथ ही उसके कोच डिडिएर डेसचैम्प्स का नाम भी रिकार्ड की फेहरिस्त में शामिल हो गया. फ्रांस ने 1998 में पहली बार विश्व कप खिताब अपनी झोली में डाला था और तब टीम के कप्तान थे और आज वह यहां फाइनल जीतने वाली टीम के कोच हैं. इससे वह खिलाड़ी और मैनेजर के तौर पर अपनी टीम को विश्व कप ट्राफी दिलाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गये हैं.

फ्रांस ने जिनेदिन जिदान के दो गोल की मदद से 1998 में ब्राजील को 3-0 से हराया था. डेसचैम्प्स से पहले ब्राजील के मारियो जगालो और जर्मनी के फ्रैंक बैकनबउर खिलाड़ी और कोच के तौर पर अपनी टीम को खिताब दिला चुके हैं.