क्रोएशिया अपने गोलकीपर डॉमिनिक लिवाकोविच के शानदार प्रदर्शन की बदौलत शुक्रवार को पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचे फीफा विश्व कप क्वार्टरफाइनल में पांच बार की चैम्पियन ब्राजील को 4-2 से हराकर उलटफेर करते हुए सेमीफाइनल में पहुंचा. फाइनल में क्रोएशिया का सामना अब अर्जेंटीना से होगा. टीम के स्टार रहे लिवाकोविच जिन्होंने नियमित समय में ब्राजील के किसी भी शॉट को गोल में नहीं बदलने दिया.
पिछले विश्व कप के फाइनल में पहुंची टीम इस जीत की हकदार थी जिसने किसी भी समय घुटने नहीं टेके और पिछड़ने के बाद भी अपनी सही रणनीति से डटी रही जिससे ब्राजील को ज्यादा मौके नहीं मिले.
नियमित समय के बाद अतिरिक्त समय में स्कोर 1-1 से बराबर रहा जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट से फैसला हुआ. मैच को यहां तक पहुंचाने में क्रोएशियाई गोलकीपर लिवाकोविच की भूमिका काफी अहम रही जिन्होंने पूरे मुकाबले के दौरान कई बेहतरीन बचाव कर पेनल्टी शूटआउट की अंतिम चुनौती में रोड्रिगो और मार्किन्होस के गोल बचाए.
अतिरिक्त समय में पहले नेमार ने ब्राजील को बढ़त दिलायी थी लेकिन क्रोएशिया ने ब्रुनो पेतकोविच के 117वें मिनट में किये गये गोल से बराबरी हासिल की.
नेमार (105+1वें मिनट) के गोल करते ही पूरा स्टेडियम गूंज उठा. इस 77वें गोल से उन्होंने ब्राजील के लिए पेले के सर्वकालिक गोल के रिकॉर्ड की बराबरी की. पूरे मैच में अच्छा नहीं खेल पाने के बाद इस गोल से उन्हें थोड़ी राहत मिली थी. पर मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट में होना लिखा था और पेतकोविच के गोल ने स्कोर बराबर कर दिया.
स्पॉट किक में क्रोएशिया के लिये निकोला व्लासिच, लोवरो माजेर, लुका मोदरिच और मिस्लाव ओरिसिच ने गोल किये. ब्राजील के रोड्रिगो के शॉट का लिवाकोविच ने बचाव किया. कासीमिरो और पेड्रो के शॉट सफल रहे लेकिन मार्किन्होस के चूकते ही स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया जिसमें बड़ी तादाद में ब्राजील के प्रशंसक मौजूद थे. वहीं क्रोएशियाई खेमे में खुशियों की लहर छा गयी.
क्रोएशिया के खिलाड़ियों ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया और नियमित समय में उनका डिफेंस अडिग रहा जिससे ब्राजील को कोई सफलता नहीं मिली. पहले हाफ में ही बढ़त बनाने की कोशिश में जुटी ब्राजील के तीन ही शॉट निशाने पर गये जिन्हें रोक दिया गया. क्रोएशिया को भी कुछ मौके मिले लेकिन वे असफल रहे.
दूसरे हाफ में ब्राजील ने आक्रामक शुरूआत की और क्रोएशियाई गोलकीपर की काफी परीक्षा ली लेकिन गोल नहीं कर पाये. टीम और उसके दर्शकों की हताशा बढ़ती जा रही थी.
मिडफील्ड में क्रोएशिया का अनुभव काम आया और उसने सही फैसले किये. 47वें ही मिनट में क्रोएशियाई गोलकीपर ने एक अच्छा बचाव किया. अगले ही मिनट में संभावित पेनल्टी चेक की गयी लेकिन यह पेनल्टी नहीं थी जिससे क्रोएशिया ने राहत की सांस ली. दो मिनट बाद क्रोएशिया को कॉर्नर मिला, पर कोई फायदा नहीं हुआ.
नेमार 54वें मिनट में गेंद लेकर भागे और उन्हें गिरा दिया गया जिसे रैफरी ने अस्वीकार कर दिया. दो मिनट बाद ब्राजील के इस स्टार फॉरवर्ड ने रिचार्लिसन की मदद से गोल के करीब पहुंचे लेकिन उनका शॉट सीधे गोलकीपर के हाथ में गया. राफिन्हा की जगह एंटोनी को उतारा गया..
65वें मिनट में नेमार पर फाउल करने के लिये ब्राजील को फ्री किक मिली लेकिन गोल से 32 गज की दूरी के शॉट से कोई मदद नहीं मिली. रोड्रिगो को विनिसियस जूनियर की जगह उतारा गया. अगले ही मिनट में क्रोएशियाई गोलकीपर लिवाकोविच ने करीब के एक शानदार शॉट का बचाव किया, ब्राजील को कॉर्नर मिला लेकिन यह कारगर नहीं रहा.
ब्राजील के कासेमिरो को क्रैमारिच पर फाउल के लिये पीला कार्ड मिला. लिवाकोविच ने 76वें मिनट में नेमार के एक और शॉट का शानदार बचाव किया.
क्रोएशिया चार साल पहले फाइनल में फ्रांस से हार गयी थी. टीम के पिछले छह विश्व कप मैच अतिरिक्त समय में गये जिसमें से कतर में जापान पर राउंड 16 में पेनल्टी शूटआउट में मिली जीत भी शामिल है. टीम टूर्नामेंट के पिछले 10 नॉकआउट मैचों में से आठ में सफल रही है. ब्राजील की टीम 2014 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने की कोशिश में थी.
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