फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने बेहद ही रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमा लिया है. इस मैच का नतीजा एक्स्ट्रा टाइम में निकला, जब एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ की शुरुआत में (106वें) मिनट में फेरेन टोरेस ने यह गोल दागा. इस पूरे मैच में स्पेन की टीम लगातार अर्जेंटीना पर हावी दिखी और उसने कई मौकों पर गोल करने की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना की टीम हर बार खतरा टालती रही, लेकिन 106वें मिनट में टेरेस के गोल का उसके पास कोई जवाब नहीं था. स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार चैम्पियन बना.
हालांकि स्पेन ने अर्जेटीना को किसी भी मौके पर अपने गोल पोस्ट पर निशाना साधने को मौका नहीं दिया. स्पेन की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक ही गोल खाया. यह गोल उसने क्वॉर्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ खाया था. मैच खत्म होने के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी लगातार भावुक दिखाई दिए. उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे. वह जानते थे कि टीम को लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खिताब जिताने के लिए उन्होंने और उनकी टीम ने कितनी मेहनत की थी, लेकिन एक कदम की दूरी से यह इतिहास रचने से चूक गई.
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स्पेन की टीम ने इससे पहले 2010 वर्ल्ड कप में अपना पहला खिताब जीता था. स्पेन ने अब तक दो ही वर्ल्ड कप फाइनल ही खेले हैं और दोनों में उसने जीत दर्ज की. फेरन टॉरेस, जो अब पूरे स्पेन के हीरो हैं वे इस मैच के शुरुआती प्लेइंग XI का हिस्सा तक नहीं थे, लेकिन इस फॉरवर्ड खिलाड़ी को बतौर सब्सीट्यूट मैच में मौका मिला तो इतिहास जैसे उन्ही की राह ताक रहा था.
एक्स्ट्रा टाइम में 106वें मिनट में उन्होंने ही जोरदार गोल अर्जेंटीना के गोल पोस्ट पर दे मारा, जिसे अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज नहीं रोक पाए, जो अब तक दीवार की तरह अर्जेंटीना का गोल पोस्ट संभाले हुए थे. अर्जेंटीना को भले खिताब का दावेदार माना जा रहा था लेकिन फाइनल में वह पूरी तरह फीकी दिखाई दी. उसके खिलाड़ी इस मैच में स्पेन की स्पीड के आगे टिक नहीं पा रहे थे और बॉल पर ज्यादातर समय स्पेन का ही कब्जा दिखाई दिया.
नियमित समय तक वह भले कोई गोल नहीं कर पाई लेकिन पूरे मैच के दौरान उसने 11 शॉट्स निशाने पर लगाए थे वहीं अर्जेंटीना की टीम किसी भी मौके पर ऐसा नहीं कर पाई. अर्जेंटीना की ओर से उसके गोलकीपर ही लय में दिखे बाकी खिलाड़ी लगातार संघर्ष करते ही दिखे, जिन्होंने स्पेन को बार-बार स्पेन की टीम को गोल करने से रोका.
दूसरी ओर स्पेन की टीम अर्जेंटीना के खिलाफ पूरी तैयारी के साथ उतरी थी. उसने लियोनेल मेसी समेत अर्जेंटीना के सभी फॉरवर्ड खिलाड़ियों को अपनी गोल पोस्ट से दूर रखने में कामयाबी बनाए रखी और मैच का ज्यादातर हिस्सा अर्जेंटीना के हाफ में ही खेला, जिससे वह इस भरोसे में रही कि उसे बस एक कामयाब शॉट इस खिताब तक पहुंचा सकता है, जो अंत में सच भी साबित हुआ.
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