नई दिल्ली. वही पिच, वही मैदान और टीम भी वही. ट्राएंगुलर T20 सीरीज के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ईडन पार्क पर एक बार फिर से आमने सामने हैं. इससे पहले ईडन पार्क पर सीरीज के लीग मुकाबले में ये दोनों एक-दूसरे के खिलाफ उतरी थीं. उस मैच में ना सिर्फ रन बरसे थे बल्कि रिकॉर्डों की भी बौछार हुई थी. Also Read - बाउंसर फेंकने के बाद स्टोक्स ने मुझे गाली दी तो मैंने विराट भाई को बता दिया: मोहम्मद सिराज

Also Read - India vs England: पुणे में होने वाली वनडे सीरीज के दौरान दर्शकों को नहीं मिलेगी एंट्री

न्यूजीलैंड ने पहले खेलते हुए उस मुकाबले मार्टिन गुप्टिल के शानदार शतक के दम पर 20 ओवरों में 243 रन बनाए थे , जिसे ऑस्ट्रेलिया ने वार्नर और शॉर्ट की धुआंधार पारी की बदौलत T20 में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने का नया रिकॉर्ड बनाया था. इस मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से मिलाकर कुल 32 छक्के लगे थे. Also Read - रविचंद्रन अश्विन को अब वो तारीफ मिल रही है जो सालों पहले मिलनी चाहिए थी: सबा करीम

ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एस्टन एगर ने कहा कि ईडन पार्क की बाउंड्री छोटी हैं और ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले ट्राएंगुलर टी-20 फाइनल में भी रनों की बारिश होने की संभावना है. ऑस्ट्रेलिया फाइनल में खिताबी जीत का प्रबल दावेदार है. उसने राउंड रोबिन के अपने सभी मैच जीते और एगर ने कहा कि इस धमाकेदार प्रदर्शन से टीम का मनोबल काफी ऊंचा है.

मैक्कुलम का वो टेस्ट रिकॉर्ड जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया

मैक्कुलम का वो टेस्ट रिकॉर्ड जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया

एगर के मुताबिक, ‘ न्यूजीलैंड के खिलाफ राउंड रोबिन मैच में रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करने से हमारा मनोबल बढ़ा है. हम जानते हैं कि हम ऐसा दोबारा कर सकते हैं. हमारे पास सही समय पर धमाकेदार पारियां खेलने के लिये सही खिलाड़ी हैं और हम फिर से एक और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं.’

दूसरी ओर कीवी टीम की कोशिश राउंड रोबिन के रिकॉर्डतोड़ मुकाबले में मिली हार के हिसाब को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से बराबर करने की है. हालांकि, ये काम कीवी टीम के लिए इतना आसान नहीं होगा क्योंकि ईडन पार्क के जो आंकड़े हैं वो ऑस्ट्रेलिया के फेवर में हैं.

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने अब तक ईडन पार्क पर 2 T20 मुकाबले खेले हैं और दोनों में ही ऑस्ट्रेलिया जीता है. यानी, फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की डफली बजाने के लिए कीवियों को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा.