Fit India Dialogue:भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) वर्ल्ड के सबसे फिट क्रिकेटर्स में शुमार हैं.  कोहली अपनी फिटनेस के प्रति काफी सजग हैं.  इस समय टीम इंडिया का ये कप्तान यूएई में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें एडिशन में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेल रहा है.Also Read - BCCI की नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट होगी जारी, क्या Ajinkya Rahane और Cheteshwar Pujara बचा पाएंगे अपना ग्रेड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की पहली वर्षगांठ के मौके पर फिटनेस के प्रति जागरुक हस्तियों और विशेषज्ञों से बातचीत की.  इस दौरान पीएम ने कोहली से से ‘यो यो टेस्ट’ के बारे में जानकारी ली और यह भी पूछा कि कप्तान को भी टेस्ट देना पड़ता है या छूट है. Also Read - IND vs SA, दूसरे वनडे में मिडल ऑर्डर बैटिंग नहीं बॉलिंग में यह बदलाव करे टीम इंडिया: Dinesh Karthik का सुझाव

मोदी ने अनिवार्य फिटनेस दिनचर्या के बारे में पूछा तो भारत के सबसे फिट क्रिकेटरों में शुमार कोहली ने बताया कि कैसे ‘यो यो टेस्ट ’ ने भारतीय क्रिकेटरों को उच्च स्तर पर फिटनेस हासिल करने में मदद की है. Also Read - Virat Kohli की प्रेस कॉन्फ्रेंस से खुश नहीं थे Sourav Ganguly, देना चाहते थे 'कारण बताओ' नोटिस, लेकिन...

‘मैंने सुना है कि आजकल टीम में यो यो टेस्ट होता है , यह क्या है’

मोदी ‘यो यो टेस्ट’ के बारे में जानना चाहते थे और उन्होंने कोहली से यह भी पूछा कि उन्हें भी इससे गुजरना पड़ता है या छूट है.  मोदी ने कहा , ‘मैंने सुना है कि आजकल टीम में यो यो टेस्ट होता है , यह क्या है . ’

कोहली ने मुस्कुराकर जवाब दिया ,‘फिटनेस के नजरिये से यह काफी अहम टेस्ट है.  हम फिटनेस के वैश्विक स्तर की बात करें तो अभी दूसरी टीमों से हम पीछे हैं और हमें यह स्तर बेहतर करना है. ’

ये है YO-YO Test

इस टेस्ट में खिलाड़ी को दो कोन के बीच लगातार भागना होता है जो 20 मीटर की दूरी पर रहते हैं.  जब सॉफ्टवेयर पहली बीप देता है तो खिलाड़ी एक कोन से दूसरे कोन की तरफ भागता है .  जब खिलाड़ी दूसरे कोन पर पहुंचता है तो दूसरी बीप सुनाई देती है .  इस तरह समय दर्ज होता रहता है और आखिर में फिटनेस स्कोर के माध्यम से सॉफ्टवेयर बताता है कि खिलाड़ी फिट है या नहीं.

दुनिया भर में फुटबॉल, हॉकी और अब क्रिकेट में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.  ऑस्ट्रेलिया ने क्रिकेट में इसकी शुरुआत की और अब दुनिया भी लगभग सभी क्रिकेट टीमें इसका इस्तेमाल कर रहीं हैं.