अपने जमाने के दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह (Milkha Singh) का शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया जिसके साथ ही स्वतंत्र भारत में ट्रैक स्पर्धाओं में कई नये कीर्तिमान स्थापित करने वाले एक युग का अंत हो गया. मिल्खा सिंह 91 वर्ष के थे. उन्हें परिवार के सदस्यों तथा खेल मंत्री कीरेन रीजीजू सहित कई हस्तियों की मौजूदगी में अश्रूपूरित विदाई दी गयी. ‘उड़न सिख’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह का कोविड-19 से जुड़ी जटिलताओं के कारण शुक्रवार की रात को निधन हो गया था. उनके पुत्र और स्टार गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी.Also Read - Punjab Assembly Elections 2022: केजरीवाल की बड़ी घोषणा, 300 यूनिट बिजली मुफ्त, बिल भी करेंगे माफ

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वी पी सिंह बडनोर, पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह आदि भी इस अवसर पर उपस्थित थे. पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. जगत राम भी मिल्खा सिंह के अंतिम संस्कार में उपस्थित थे. मिल्खा सिंह इसी अस्पताल में भर्ती थे. इस महान धावक के सम्मान में पुलिस दल ने अपने हथियारों को उल्टा किया. मिल्खा को तोपों की सलामी भी दी गयी. Also Read - नोएडा अथॉरिटी से हुई बड़ी गलती, Milkha Singh की जगह लगाए Farhan Akhtar की फोटो

Also Read - मात्र 0.1 सेकंड से ओलंपिक पदक चूके थे Milkha Singh, जिंदगी भर कचोटता रहा यह दर्द: गुरबचन सिंह रंधावा

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पुष्पांजलि अर्पित की गयी. सेना की तरफ से भी पुष्पांजलि अर्पित की गयी. पंजाब सरकार ने मिल्खा सिंह के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इससे पहले कहा था कि उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

इससे पहले मिल्खा के सेक्टर- आठ स्थित आवास से इस महान एथलीट की अंतिम यात्रा शुरू हुई. उनके शव को एक वाहन में ले जाया और सेक्टर – 25 स्थित शवदाह गृह पहुंचने तक आम लोगों ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी.

रीजीजू ने मिल्खा सिंह के अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से उनकी एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने की आखिरी इच्छा के बारे में बात की. उन्होंने कहा, ‘‘आज मिल्खा जी हमारे साथ नहीं है लेकिन हमें उनकी इच्छा पूरी करनी है. उन्होंने बड़ा संदेश छोड़ा है. ’’ रीजीजू से पूछा गया कि क्या उनके नाम पर कोई पुरस्कार दिया जाएगा, उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके परिवार से सही समय पर बात की जाएगी और इस संबंध में जो भी करना होगा खेल मंत्रालय करेगा. उन्होंने कहा कि वह परिवार के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश लेकर भी आये थे.

राज्यपाल बडनोर ने कहा, ‘‘मिल्खा हमारे गौरव हैं. मैं जब भी उनसे मिलता था वह बहुत प्यार से मिलते थे. मिल्खा का निधन चंडीगढ़, पंजाब और भारत ही नहीं पूरी दुनिया की क्षति है. वह लाखों लोगों के लिये प्रेरणास्रोत थे.’’ (एजेंसी)