जब कभी सीमित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल कप्तानों की बात उठती है, भारत के दिग्गज एमएस धोनी और ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी रिकी पोंटिंग का नाम लिया जाता है. धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को आईसीसी टी-20 विश्व कप, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 और विश्व कप 2011 को जीता कर कई गौरवान्वित पल दिए. वहीं, पोंटिंग ने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को लगातार दो बार (2003 और 2007) क्रिकेट का सरताज बनाया. वनडे फॉर्मेट में धोनी के नेतृत्व में भारत ने 59.52 की जीत प्रतिशत से 199 में से 110 मैच जीता. जबकि,ऑस्ट्रेलिआई धुरंधर ने अपने नेतृत्व में 76.14 प्रतिशत मैच में अपनी टीम को जीत दिलाई.

हाल ही में,ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज माइकल हसी एक ऐसे सवाल से घिरते हुए नजर आएं जो वाकई में उनके लिए काफी मुश्किल साबित हो सकता था. इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि वो धोनी और पोंटिंग में से अपना पसंदीदा कप्तान किसे चुनेंगे. हसी के लिए ये सवाल मुश्किल इसलिए बन गया क्योंकि उन्होंने पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेला है. वहीं, धोनी की कप्तानी में उन्होंने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेला है.

इएसपीएन क्रिकइंफो से बात करते हुए हसी ने इस सवाल को एक कठिन सवाल बताते हुए अपना जवाब दिया. उन्होंने कहा, ” यकीनन ये एक कठिन सवाल है लेकिन मैं पोंटिंग का नाम लेना चाहूंगा क्योंकि मैंने धोनी के साथ और उनकी कप्तानी में  वनडे मैच नहीं खेले हैं”. धोनी के नेतृत्व में हसी ने साल 2011 और 2012 में दो आईपीएल खिताब भी जीते हैं. हसी फिलहाल सीएसके टीम के बल्लेबाजी कोच के रूप में सेवा दे रहे हैं.

इसी दौरान पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने माना है कि अगले साल आस्ट्रेलिया में होने वाले विश्व टी-20 वर्ल्ड कप को देखते हुए भारतीय क्रिकेट के लिए अब महेंद्र सिंह धोनी से आगे सोचने और युवाओं में निवेश करने का समय आ गया है. हालांकि उपलब्ध विकल्पों पर काफी बहस चल रही है क्योंकि ऋषभ पंत मिले मौकों का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं. लेकिन अगले साल होने वाले विश्व टी-20 के लिए वह गावस्कर की ‘पहली पसंद’ हैं.

यह पूछने पर कि धोनी को बांग्लादेश दौरे के लिए चुना जाना चाहिए, गावस्कर ने नकारात्मक जवाब दिया. गावस्कर ने कहा, ‘‘नहीं, हमें उनसे आगे देखने की जरूरत है. कम से कम मेरी टीम में महेंद्र सिंह धोनी शामिल नहीं हैं. अगर आप टी-20 विश्व कप के बारे में बात कर रहे हो तो मैं निश्चित रूप से ऋषभ पंत के बारे में सोचूंगा.’’