अमेरिका में अफ्रीकी-अमेरिकी जार्ज फ्लॉयड की श्वेत पुलिस अधिकारी के हाथों हुई मौत के बाद नस्लवाद के खिलाफ शुरु हुई जंग में क्रिकेट जगत भी हिस्सा ले चुका है। वेस्टइंडीज के स्टार बल्लेबाजी क्रिस गेल, पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान डैरेन सैमी के बाद अब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल ने नस्लवाद के मुद्दे पर अपने अनुभवों को याद किया Also Read - 'माता-पिता के साथ हुआ भेदभाव याद आ गया': नस्लवाद पर बात करते समय भावुक हुए माइकल होल्डिंग

चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ में लिखे अपने कॉलम में लिखा, ‘‘मौजूदा समय में नस्लवाद काफी अहम भूमिका निभा रहा है, क्रिकेट के अंदर और बाहर इस पक्षपात के मेरे अनुभव को बताना सही है। मैं ऐसे परिवार में बड़ा हो रहा था जहां बतौर मैंने कोई भेदभाव नहीं देखा था, जबकि वो श्वेत ऑस्ट्रेलियाई नीति का युग था। मैं सचमुच नस्लवाद के बारे में वाकिफ नहीं था।’’ Also Read - नस्लवाद के खिलाफ विरोध जताने के लिए टेस्ट सीरीज में ये काम करेंगे कैरेबियाई क्रिकेटर्स, कप्तान होल्डर ने दी जानकारी

चैपल ने याद किया, ‘‘मेरा पहला विदेशी दौरा 1966-67 में था और ये मेरे लिए आंखे खोलने वाला था। तब सत्ता में रंगभेद करने वाला शासन था और केप टाउन में दूसरा टेस्ट जीतने के बाद ही हमें इस घिनौनी चीज का पता चला। आपने गैरी सोबर्स को क्यों नहीं चुना? पूरी टीम अश्वेत खिलाड़ियों से भरी थी और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्राहम थॉमस पर टीम होटल में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। थॉमस की अमेरिकी वंशावली उस समय की है जब गुलामी के दिन हुआ करते थे। ’’ Also Read - सुनील गावस्कर ने विराट कोहली को बताया नंबर वन बल्लेबाज, दिग्गज सर विव रिचर्ड्स से की तुलना

चैपल ने कहा कि जब वो कप्तान थे तो उन्होंने उस तरह के वाक्यों पर रोक लगा दी थी जिसमें अश्वेत शब्द शामिल होता।
उन्होंने कहा, ‘‘1972-73 में मैंने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से बात की जब हमें पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद कैरेबियाई सरजमीं का दौरा करना था। मैंने उन्हें चेताया कि अगर अश्वेत शब्द का कोई भी वाक्य इस्तेमाल किया गया तो परेशानी होगी। मैंने उन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से इस तरह की कोई भी टिप्पणी नहीं सुनी।’’

उन्होंने ये भी खुलासा किया कि वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी विव रिचर्ड्स ने एक बार ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के नस्लीय टिप्पणी करने की बात बताई थी लेकिन बाद में आश्वस्त किया था कि ये मामला सुलझ गया था। उन्होंने कहा कि ये घटना 1975-76 में हुई श्रृंखला में हुई थी।