श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) ने हाल ही में भारत के खिलाफ मुंबई में खेले गए 2011 विश्व कप फाइनल में दो बार टॉस कराए जाने का कारण फिर से स्टेडियम में हो रहे शोर को ही बताया। Also Read - IPL 2020 : सुरेश रैना से अब नहीं हो रहा इंतजार, MS Dhoni और मुरली विजय को टैग कर पोस्ट की ये PIC

2 अप्रैल को हुए वानखेड़े स्टेडियम में हुए इस फाइनल मैच में दो बार टॉस हुआ था क्योंकि संगकारा ने कहा कि था कि दर्शकों के शोर की वजह से उन्होंने पहली बार में मैच रेफरी की कॉल ठीक से सुनी नहीं। Also Read - पूर्व चयनकर्ता बोले- धोनी भी हैं विराट की तरह उग्र, दोनों में है ये छोटा सा फर्क

पूर्व खेल मंत्री महिंदानंद अलुथगामगे ने हाल ही में एक विवादित बयान में दावा किया था कि 2011 विश्व कप फाइनल मैच फिक्स था। जिसके बाद इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इंवेस्टीगेशन यूनिट बनाई गई। Also Read - एमएस धोनी की टीम को कपिल देव, सौरव गांगुली की वजह से मिला 'जीत का विश्वास' : मनिंदर सिंह

एसईयू को दिए बयान में संगकारा ने फाइनल मैच में दो बार टॉस कराने के उसी कारण को दोहराया जो उन्होंने पहले बताया था। 10 घंटे की पूछताछ के बाद संगकारा को क्लीन चिट दे दी गई और सबूतों की कमी की वजह से अब इस जांच को बंद कर दिया गया है।

गौरतलब है कि 2011 विश्व कप फाइनल पहला मैच नहीं था जहां दो बार टॉस हुआ हो। पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच 31 जनवरी, 1995 को हुए हरारे टेस्ट के दौरान जैकी हेंड्रिक (वेस्टइंडीज) ने जिम्बाब्वे के कप्तान एंडी फ्लावर को फिर से टॉस करने के लिए कहा था क्योंकि जब फ्लॉवर ने सिक्का उछाला था तो किसी कारण से विपक्षी कप्तान सलीम मलिक ने हेड या टेल बोलने के बजाय ‘बर्ड’ बोला था।

मलिक के बर्ड बोलने का असल कारण ये था कि टॉस के लिए इस्तेमाल होने वाले जिम्बाब्वे के सिक्के के एक तरफ उनके देश का राष्ट्रीय पक्षी बाज बना होता है।