पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में भारत के अगुवाई कर रहे केएल राहुल (KL Rahul) की कप्तानी को लताड़ा है।Also Read - Live Score GT vs RR Final IPL 2022: थोड़ी देर में होगी समापन समारोह की शुरुआत, मंच पर रंग जमाएंगे रणजी सिंह-एआर रहमान

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-1 से हार के बाद विराट कोहली के पद से हटने के बाद केएल को भारत के अगले टेस्ट कप्तान के रूप में देखा जा रहा है। वहीं रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में राहुल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत की कप्तानी कर रहे हैं। Also Read - फाइनल की एक्‍साइटमेंट में ठीक से सो भी नहीं पाए रियान पराग, सोशल मीडिया पर बयां की भावनाएं, हुए ट्रोल

पहले दो वनडे मैचों में केएल राहुल की कप्तानी पर बोलते हुए, गावस्कर ने कहा कि जब कि विपक्षी टीम की कोई साझेदारी बन जाती है तो राहुल के पास कोई रणनीति नहीं होती है। Also Read - गुजरात vs राजस्‍थान: आज खिताबी मैच में कमेंट्री करते दिखेंगे आमिर खान, इन ओवर्स का मिला टाइम स्‍लॉट

गावस्कर ने इंडिया टुडे पर कहा, “ठीक है, जब कोई साझेदारी होती है, तो कभी-कभी कप्तान के पास आईडिया खत्म हो जाते है। मुझे लगता है कि यही हुआ है। ये बल्लेबाजी करने के लिए बहुत अच्छी पिच थी। गेंद बल्ले पर काफी अच्छी तरह से आ रही थी, आप लाइन के माध्यम से खेल सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “उस साझेदारी के दौरान, ऐसा लग रहा था कि उसके पास विचार खत्म हो गए हैं। केएल राहुल को समझ नहीं आ रहा था कि कहां जाएं। जब आपके पास बुमराह और भुवनेश्वर के रूप में डेथ ओवरों के दो सबसे अनुभवी गेंदबाज हों, तो आपको उन्हें आखिरी 5-6 ओवरों तक अपने पास रखना होता है।”

गावस्कर ने आगे कहा, “तो यहीं पर आप वास्तव में विपक्ष को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक सकते हैं। लेकिन ये उनकी कप्तानी के शुरुआती दिन हैं और हो सकता है कि चीजें बदल जाएं, आइए भारतीय क्रिकेट के लिए उम्मीद करें कि अगले कुछ दिनों में चीजें बदल जाएं।”

गावस्कर ने केएल राहुल को कप्तानी दिए जाने से टीम मैनजमेंट के फैसले पर भी सवाल उठाया क्योंकि 29 साल के इस खिलाड़ी ने आज तक अपनी स्टेट टीम कर्नाटक का नेतृत्व भी नहीं किया है।

गावस्कर ने कहा, “राहुल के पास कप्तानी का ज्यादा अनुभव नहीं है। उन्होंने पिछले दो आईपीएल में केवल पंजाब किंग्स की कप्तानी की है। इसके अलावा, किसी भी फॉर्मेट के टूर्नामेंट में – रणजी ट्रॉफी या लिस्ट ए (में उन्होंने कप्तानी नहीं की)। इसलिए जब आप उन्हें कप्तान के रूप में सोचते हैं तो आपको धैर्य रखने की आवश्यकता होती है। अगर आप आईपीएल में उनकी कप्तानी को देखें तो भी पंजाब किंग्स ने पिछले दो सालों में कुछ खास नहीं किया है।”