मुंबई. भारतीय क्रिकेट टीम के कोच का पद कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा तो आपको अनिल कुंबले के पद छोड़ने और रवि शास्त्री के इस पर काबिज होने के समय ही लग गया होगा. इन दोनों से पहले भी ग्रेग चैपल हों या जॉन राइट, भारतीय टीम का कोच बनना न सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों, बल्कि विदेशी क्रिकेटरों के लिए भी एक सपना सरीखा है. वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद एक बार फिर टीम इंडिया में कोच को लेकर बहस शुरू हो गई है. वर्तमान कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) का कार्यकाल भी पूरा होने वाला है, इसके मद्देनजर नए की तलाश की जा रही है. लेकिन इससे पहले टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच की तलाश भी शुरू की गई है. कई नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें से एक नाम है पूर्व बल्लेबाज प्रवीण आमरे (Praveen Amre) का.

भारत के पूर्व बल्लेबाज प्रवीण आमरे राष्ट्रीय पुरुष टीम का बल्लेबाजी कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं. पता चला है कि डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ने वाले आमरे ने इस पद के लिए आवेदन किया है. आमरे ने भारत के लिए 11 टेस्ट में एक शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 425 रन बनाए. उन्होंने 37 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में दो अर्धशतक से 513 रन जुटाए. ऐसे में जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे शतकवीर और रनों का पहाड़ खड़ा करने वाले खिलाड़ी टीम इंडिया में हों, इंटरनेशनल क्रिकेट में एक हजार से भी कम रन बनाने वाला यह खिलाड़ी उनका बल्लेबाजी कोच होगा, यह सोचना एकबारगी हैरान करता है.

दिवंगत रमाकांत आचरेकर से क्रिकेट का ककहरा सीखने वाले आमरे के मार्गदर्शन में मुंबई ने रणजी ट्राफी खिताब जीता. वह अभी अमेरिकी क्रिकेट के साथ बल्लेबाजी सलाहकार के रूप में जुड़े हैं. बीसीसीआई ने मुख्य कोच, बल्लेबाजी कोच और गेंदबाजी कोच सहित अन्य पदों के लिए आवेदन मंगाए हैं जिसके लिए समय-सीमा 30 जुलाई तक है. भारत के मौजूदा बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ का अनुबंध वेस्टइंडीज दौरे तक बढ़ाया गया है, लेकिन संभावना है कि इसके बाद उन्हें भारतीय टीम के साथ जुड़ने का मौका नहीं दिया जाएगा.

(इनपुट – एजेंसी)