मुंबई: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने पूर्व टेस्ट ओपनर माधव आप्टे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि माधव के साथ शाम के समय क्रिकेट पर होने वाली चर्चाओं को वह मिस करेंगे. माधव का 86 साल की उम्र में निधन हो गया. गावस्कर ने एक कार्यक्रम में माधव की तारीफ करते हुए उन्हें खेल का सच्चा प्रशंसक बताया और कहा कि वह क्रिकेट पर उनके साथ की गई बातों को मिस करेंगे. गावस्कर ने कहा, “श्री माधवराव आप्टे के निधन पर बेहद दुख हुआ. वह हमारे इस प्यारे खेल के सच्चे प्रशंसक थे.” उन्होंने कहा, “उनके घर पर लोग एकजुट होते थे और यादगार शाम बनाते थे, जिसमें क्रिकेट पर बात होती थी. मैं उनके साथ बिताई गई शामों को मिस करूंगा.”

‘लिटिल मास्टर’ ने 1950 के दशक के धुरंधर माधव आप्टे के निधन के बाद कुछ ऐसे किया उन्हें याद

मुंबई में जन्मे आप्टे ने वीनू मांकड की कोचिंग में लेग स्पिनर के तौर पर करियर की शुरूआत की थी. लेकिन बाद में, वो एक फ्रंटलाइन बल्लेबाज बन गए. क्रिकेट के अलावा, उन्होंने टेनिस, स्क्वैश और बैडमिंटन में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. इस पूर्व खिलाड़ी ने अपने क्रिकेट करियर में कुल 7 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 542 रन बनाए हैं. इन सात मैचों की पारियों में उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक भी लगाए हैं.

अगर फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात करें तो माधव ने कुल 67 मैच खेले जिसमें उन्होंने 3336 रन बनाए हैं. इसमें उन्होंने 16 अर्धशतक और 6 शतक लगाए थे. माधव आप्टे ने लेग स्पिन गुगली गेंदबाज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. इस मोर्चे पर उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. जाइल्स एंड शील्ड टूर्नामेंट के एक मैच में उन्होंने 10 रन देकर 10 विकेट लिए. 1989 में वह क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष चुने गए थे. साथ ही वह लिजेंड्स क्लब के मुखिया भी रहे.

अपने टेस्ट करियर में रुकावट के लिए लाला अमरनाथ को जिम्मेदार मानते थे माधव आप्टे