नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी माधव आप्टे का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है. उन्होंने ने मुंबई के कैंडी ब्रिज हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. माधव आप्टे एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर थे, लेकिन ज्यादा मौके न मिलने कारण वे अपने खेल को निखार नहीं सके. माधव आप्टे 1950 के दशक के भारतीय खिलाड़ी थे. Also Read - India vs England: पुणे में होने वाली वनडे सीरीज के दौरान दर्शकों को नहीं मिलेगी एंट्री

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उन्होंने 86 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. उनके बेटे वामन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हमें दुख जरूर है लेकिन हम यह कह सकते हैं कि उन्होंने एक शानदार तरीके से अपनी पूरी जिंदगी जी. आपको बता दें कि आप्टे उस दौर के खिलाड़ी हैं जब क्रिकेट की पहचान न के बराबर थी. डीबी देवधर, विजय मर्चेंट, वीनू मांकड और पाली उमरीगर जैसे जिग्गजों के साथ खेलने वाला माधव आप्टे के टीम से बाहर होने की कहानी खासी रहस्यमयी है. Also Read - India vs England: पूर्व दिग्गजों ने की मोटेरा की पिच की आलोचना; फैंस ने कहा- पार्ट-टाइम गेंदबाज भी ले रहे हैं पांच विकेट हॉल

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इस पूर्व खिलाड़ी ने अपने क्रिकेट करियर में कुल 7 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 542 रन बनाए हैं. इन सात मैचों की पारियों में उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक भी लगाए हैं. अगर फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात करें तो माधव ने कुल 67 मैच खेले जिसमें उन्होंने 3336 रन बनाए हैं. इसमें उन्होंने 16 अर्धशतक और 6 शतक लगाए थे. माधव आप्टे ने लेग स्पिन गुगली गेंदबाज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. इस मोर्चे पर उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. जाइल्स एंड शील्ड टूर्नामेंट के एक मैच में उन्होंने 10 रन देकर 10 विकेट लिए.

इसके अलावा आप्टे ने कई वर्षों तक क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और लिजेड्स क्लब में अध्यक्ष के पद पर भी अपनी सेवाए दीं थीं. उनकी मौत की खबर के बाद क्रिकेट जगत की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है. परिवार की तरफ से उनके अंतिम संस्कार के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.