भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान चुन्नी गोस्वामी का गुरुवार को कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया। वो 82 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटा हैं। गोस्वामी 1962 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान थे और बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी खेले थे। Also Read - भारतीय फुटबॉल के ‘गोल्डन ब्वॉय’ रहेंगे चुन्नी गोस्वामी : फ्रैंको फोर्टुनाटो

वह पिछले कुछ समय से मधुमेह, प्रोस्ट्रेट और तंत्रिका तंत्र संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे। वह आई लीग क्लब मोहन बागान क्लब के लिए भी खेल चुके हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 1962 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे और 1964 में एशियन कप में उपविजेता भी रहा था। Also Read - क्रिकेट मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से युवा क्रिकेटर की मौत

फुटबॉलर ही नहीं क्रिकेटर भी थे गोस्वामी

गोस्वामी ने ना केवल अपनी कप्तानी में भारतीय फुटबॉल टीम को स्वर्ण पदक जिताने के साथ बंगाल की रणजी टीम को टूर्नामेंट के फाइनल तक भी पहुंचाया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी इस पूर्व खिलाड़ी को श्रृद्धांजलि दी। Also Read - सर्दी के मौसम में हार्ट के खतरे कम करे मेडिटेशन, डॉक्‍टर क्‍यों मानते हैं इसे बेहतर उपाय

बीसीसीआई ने ट्वीट किया, “BCCI सर्वकालिक ऑलराउंडर चुन्नी गोस्वामी के निधन पर शोक व्यक्त करता है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की कप्तानी की और उन्हें 1962 के एशियाई खेलों में स्वर्ण दिलाया। बाद में उन्होंने बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला और उन्हें 1971-72 में रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचाया।”