पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) ने तीन सदस्यीय एड-हॉक क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि सीएसी की सदस्य और महिला टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी (Shantha Rangaswamy) पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं।Also Read - Sri Lanka vs India: श्रीलंका ने भारत से पहली बार जीती T20 सीरीज, बोर्ड ने किया खिलाड़ियों को मालामाल

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आईएएनएस से बातचीत में मामले से जुड़े करीबी सूत्र ने कहा, “हां, उन्होंने (कपिल देव) ने सीएसी प्रमुख के अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रशासकों की समिति की ओर से आधिकारिक घोषणा की जानी चाहिए थी कि कि इस समिति को भंग कर दिया गया है क्योंकि विनोद राय ने पहले ही साफ कर दिया था कि इस समिति का गठन केवल भारतीय टीम के मुख्य कोच की नियुक्ति के लिए किया गया था। उस स्थिति में दिग्गजों के खिलाफ हितो के टकराव मामले से बचा जा सकता था।” Also Read - Sri Lanka vs India, 3rd T20I: भारतीय टीम को एक और झटका, तेज गेंदबाज Navdeep Saini निर्णायक मैच से बाहर!

बीसीसीआई के एथिक्स अधिकारी डॉक्टर डीके जैन के सीएसी समिति के खिलाफ हितों के टकराव मामले में नोटिस जारी किए जाने के बाद कपिल देव ने इस्तीफा देने का फैसला लिया। पूर्व क्रिकेटर रंगास्वामी ने भी इसी वजह से दो दिन पहले अपना इस्तीफा बोर्ड के सामने पेश किया था।

‘हितों का टकराव’ नोटिस के बाद पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी ने सीएसी व आईसीए से इस्तीफा दिया

उन्होंने इस मामले पर कहा था, “मैंने सीएसी से और प्लेयर्स एसोसिएशन के डॉयरेक्टर पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। कल रात, मैंने अधिकारियों को मेल के जरिए ये जानकारी दी। अब मैं निजी शिकायतों के बारे में सोच सकती हूं लेकिन अगर एथिक्स अधिकारी इस पर कार्यवाही करते हैं तो फिर ये जारी रखने योग्य नहीं है। और मुझे लगता है कि नई BCCI पर इस बात को स्पष्ट करने का दबाव होगा कि वो मुख्य समितियों के लिए सदस्य क्रिकेटरों को कहां से लाएंगे।”