इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के अध्यक्ष शशांक मनोहर का कार्यकाल इस साल के आखिर में समाप्त होगा जिसके बाद नए अध्यक्ष औपचारिक रूप से पदभार संभालेंगे. आईसीसी की वार्षिक आम बैठक जुलाई के अंत में निर्धारित है. इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के प्रमुख कोलिन ग्रेव फिलहाल इसके सबसे मजबूत दावेदार हैं.Also Read - ICC U19 World Cup 2022: टीम इंडिया में चोटिल वासु वत्स की जगह आराध्य यादव को मौका

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का नाम भी चर्चा में है. क्रिकेट वेस्टइंडीज (सीडब्ल्यूआई) के पूर्व प्रमुख डेव कैमरन भी इस दौड़ में शामिल हो गए हैं. युनाइटेड स्टेट्स क्रिकेट हॉल ऑफ फेम ने हाल ही में मनोहर को लिखा है कि वे कैमरन के नाम की सिफारिश इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के शीर्ष पद के लिए चाहेंगे. Also Read - धाकड़ बल्लेबाज Brendan Taylor पर लगा साढ़े 3 साल का बैन!

कैमरन 2013 से 2019 तक सीडब्ल्यूआई के अध्यक्ष रहे Also Read - कोच द्रविड़ को ढूंढने होंगे ऐसे युवा खिलाड़ी जो अगले 4-5 सालों में टीम इंडिया को आगे ले जाएंगे: शास्त्री

सीडब्ल्यूआई के 2013 से 2019 तक अध्यक्ष रहे कैमरन ने ‘जमैका ग्लीनर’ से कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि हमें एक स्थायी वित्तीय मॉडल खोजने की जरूरत है जहां टीमें योग्यता के मुताबिक कमाई कर सकें.’

उन्होंने कहा,  ‘क्रिकेट के तीन बड़े देशों भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के पास टूर्नामेंट, दर्शकों और सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन छोटे राष्ट्रों को हमेशा वित्तीय सहायता के लिए आईसीसी का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. इसलिए हम जो चाहते हैं अगर वह राजस्व का बराबर हिस्सा नहीं बंटा तो भी यह बंटवारा न्यायसंगत होना चाहिए.’

सीडब्ल्यूआई के पूर्व अध्यक्ष को मैदान में बने रहने के लिए दो नामांकन की आवश्यकता होगी और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्हें सीडब्ल्यूआई के मौजूदा प्रमुख रिकी स्केरिट से समर्थन देंगे. दोनों के मतभेद सार्वजनिक तौर पर उजागर हो गए थे.