टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर शायद उन कुछ बल्लेबाजों में से हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी बार गलत आउट दिया गया है। पिछले दिनों पूर्व अंपायर स्टीव बकनर ने माना था कि उन्होंने तेंदुलकर को तीन बार गलत आउट दिया था। वहीं अब आईसीसी के एक और पूर्व अंपायर डेरिल हार्पर ने भी कहा कि उन्होंने 1999 के एडिलेड टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर के खिलाफ दिए विवादास्पद फैसले का बचाव किया है। Also Read - युजवेंद्र चहल को मिला लाइफ पार्टनर, इस खूबसूरत बाला के प्‍यार में हुए क्‍लीन बोल्‍ड

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा की बाउंसर को छोड़ते समय गेंद तेंदुलकर के कंघे से टकराई थी जिस पर मैदानी अंपायर हार्पर ने पगबाधा आउट दे दिया था। विवादास्पद फैसले को याद करते हुए, हार्पर ने कहा कि वो 20 साल बाद भी उस फैसले के बारे में सोचते है और मानते हैं कि वो सही निर्णय था। Also Read - 'धोनी ने मुझे कहा था, टीम के सबसे तेज धावक को हराते रहने तक खेलना जारी रखेंगे'

हार्पर ने एशियानेट केबल से कहा, ‘‘तेंदुलकर के खिलाफ दिए गए उस फैसले के बारे में मैं हर दिन सोचता हूं। मैं ठीक से सो नहीं पाता हूं। मेरे सपने में वो वाकया बार-बार रीप्ले की तरह आता है। जब मैं अपने गैरेज में जाता हूं तो लगता है जैसे वहां सचिन और ग्लेन मैकग्रा की एक बड़ी तस्वीर लगी है।’’ Also Read - केएल राहुल को उम्मीद- पिता हार्दिक की तरह ऑलराउंडर बनेंगे पांड्या जूनियर

हार्पर ने खुलासा किया कि पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने उन्हें 2018 में बताया कि तेंदुलकर खुद मानते हैं कि वो आउट थे। प्रसाद इस मैच में विकेटकीपर थे। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर ने कभी उनसे इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की, शायद इसलिए वह उन्हें खेल का सच्चा दूत मानते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया-भारत टेस्ट मैच के दौरान एडिलेड ओवल में भारतीय चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से मिला था। 1999 के टेस्ट के बाद ये हमारी पहली मुलाकात थी। एमएसके ने उत्सुकता से मुझ से कहा, ‘सचिन ने कहा था कि वो आउट थे’।’’