क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) लगातार अक्टूबर-नवंबर में टी20 विश्व कप के आयोजन के दौरान 16 टीमों की मेजबानी को लेकर चुनौतियों का जिक्र करता रहा है और ऐसे में कोविड-19 महामारी के कारण अस्त व्यस्त हुए क्रिकेट सीजन में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन के आयोजन की उम्मीद बढ़ गई है. Also Read - आकाश चोपड़ा ने गांगुली की दुखती रग पर रखा हाथ, 'IPL के शुरुआती दौर में कोच ने दादा से....'

आईपीएल फ्रेंचाइजियां भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से आईपीएल के भविष्य पर निर्णायक बयान चाहती हैं कि यह टूर्नामेंट पूरा खेला जाएगा या इसके मैचों की संख्या में कटौती होगी. इसके अलावा यह स्वदेश में होगा या विदेशी सरजमीं पर. Also Read - Pakistan Coronavirus latest Update: पाकिस्तान में कोरोनावायरस के 3,387 नए मामले सामने आए, संक्रमितों की संख्या 2 लाख 25 हजार से अधिक

फ्रेंचाइजियों का साथ ही मानना है कि अगर इस टूर्नामेंट का आयोजन हुए तो टीवी पर इसे रिकॉर्ड दर्शक मिलेंगे. Also Read - Coronavirus in Rajasthan Update: कोविड-19 संक्रमण के 204 नए मामले, अब तक 443 लोगों की हुई मौत, जानें कहां कितने केस

‘आईपीएल का आयोजन भी आसान नहीं होगा’

किंग्स इलेवन पंजाब के सह मालिक नेस वाडिया ने पीटीआई से कहा, ‘मौजूदा स्थिति को देखते हुए 16 टीमों के साथ टी20 विश्व कप के आयोजन को लेकर काफी जटिलताएं हैं. आईपीएल का आयोजन भी आसान नहीं होगा. इसका आयोजन ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह उपयुक्त बुनियादी ढांचा हो.’

आईसीसी ने टी20 विश्व कप के आयोजन को लेकर अपना अंतिम फैसला अगले महीने तक टाल दिया है लेकिन बीसीसीआई पहले ही सितंबर-अक्टूबर में टूर्नामेंट के आयोजन की योजना बना रहा है.

‘छोटे टूर्नामेंट के आयोजन में भी कोई दिक्कत नहीं है’

कोलकाता नाइटराइडर्स के सीईओ वैंकी मैसूर ने पिछले हफ्ते मीडिया कार्यक्रम के दौरान लीग के प्रारूप से ‘छेड़छाड़’ को लेकर विरोध दर्ज कराया था लेकिन आईपीएल के सभी हितधारक इससे सहमत नहीं हैं.

महामारी से जुड़ी स्थिति को देखते हुए उन्हें छोटे टूर्नामेंट के आयोजन में भी कोई दिक्कत नहीं है, मैसूर ने हालांकि कहा था कि वह सभी आठ टीमों की ओर से बोल रहे हैं. बीसीसीआई ने अब तक टूर्नामेंट के आयोजन पर जोर दिया है लेकिन विस्तार से कुछ नहीं बताया है.

‘कम मैचों वाले टूर्नामेंट के साथ भी हमें कोई समस्या नहीं’

वाडिया ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि पूर्ण आईपीएल के आयोजन के लिए बीसीसीआई पूरा प्रयास कर रहा है लेकिन कम मैचों वाले टूर्नामेंट के साथ भी हमें कोई समस्या नहीं है. आईपीएल ने टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर काफी लचीलापन दिखाया है और कोविड-19 के दौरान भी हमें इस स्थिति को बरकरार रखना होगा. 2009 में हमने सिर्फ एक महीने में टूर्नामेंट का आयोजन भारत की जगह दक्षिण अफ्रीका में किया था.’

भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं और आईपीएल का विदेश में आयोजन भी एक विकल्प है. टूर्नामेंट की 2014 में आंशिक रूप से मेजबानी करने वाले यूएई और श्रीलंका पहले ही इसमें दिलचस्पी दिखा चुके हैं जबकि कोरोना वायरस से सबसे कम प्रभावित देशों में शामिल न्यूजीलैंड भी एक विकल्प है लेकिन दोनों देशों के समय में अंतर उसके खिलाफ जाता है.

वाडिया ने कहा कि टूर्नामेंट स्थल और मैचों की संख्या पर सभी हितधारक आपसी सहमति से आसानी से फैसला कर सकते हैं.

‘मुझे समझ नहीं आता कि बीसीसीआई किसका इंतजार कर रहा है’

आईपीएल की एक अन्य प्रमुख टीम के शीर्ष अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि वे कम मैचों वाला टूर्नामेंट नहीं चाहते और साथ ही चाहते हैं कि बीसीसीआई जल्द से जल्द तारीखों की घोषणा करे जिससे संभावित टीम प्रायोजकों को पर्याप्त समय मिले.

अधिकारी ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता कि बीसीसीआई किसका इंतजार कर रहा है. उन्हें अब तक तारीखों की घोषणा कर देनी चाहिए थी. फिर ये चाहे अगस्त-सितंबर हो या सितंबर-अक्टूबर (विश्व कप के नहीं होने की स्थिति में).’ वाडिया को साथ ही उम्मीद है कि अगर टूर्नामेंट के मैचों की संख्या कम भी होती है तो भी प्रायोजक आईपीएल का साथ नहीं छोड़ेंगे.

चेन्नई सुपरकिंग्स के एक सूत्र ने हालांकि कहा कि टूर्नामेंट पर प्रायोजकों के असर का पता इसके करीब आने पर ही चलेगा. सूत्र ने कहा, ‘तारीखों की घोषणा के बाद ही प्रायोजक टीमों के पास आएंगे.’