दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को राजधानी में अगले एक महीने तक किसी भी खेल के आयोजन पर रोक लगा दी. दिल्ली सरकार के कोरोना वायरस महामारी के कारण सभी खेल गतिविधियों पर रोक लगाने के फैसले के बाद टोक्यो ओलंपिक क्वालीफिकेशन चक्र की महत्वपूर्ण प्रतियोगिता इंडिया ओपन बैडमिंटन के आयोजन पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं. Also Read - कोरोना वायरस के कारण दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सभी एग्जाम किए पोस्टपोन्ड

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इस घातक बीमारी को रोकने के उद्देश्य से यह 400,000 सुपर 500 प्रतियोगिता बिना दर्शकों के आयोजित किए जाने की संभावना थी. भारतीय बैडमिंटन संघ (बाइ) के अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘हम सरकार के फैसले के अनुसार चलेंगे. यह हमारे हाथ में नहीं है. हमें सरकार के फैसलों को मानना होगा. अभी विदेशी खिलाड़ियों की वीजा प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है और इस पर अब दिल्ली सरकार ने भी कुछ निर्देश जारी कर दिए हैं.’ Also Read - खाली स्‍टेडियम में IPL कराना चाहते हैं पैट कमिंस, ऐसा करने से कुछ हद तक लौटेगी सामान्‍य स्थिति

बाइ और विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने बुधवार को संयुक्त बयान जारी करके कहा था कि कोरोना वायरस के कारण यह प्रतियोगिता बंद दरवाजों के अंदर खाली स्टेडियम में खेली जाएगी. इस टूर्नामेंट का आयोजन 24 मार्च से इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होना है.

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इससे पहले दिल्ली में होने वाला निशानेबाजी विश्व कप और इंडियन ओपन गोल्फ टूर्नामेंट भी स्थगित कर दिया गया था. भारत में कोरोनावायरस से अब तक 75 लोग संक्रमित हैं जबकि दुनिया भर में 4 हजार से अधिक लोग इसके चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं. विश्व में अब तक एक लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं.