नई दिल्ली: साल 2011 में श्रीलंका के खिलाफ हुई विश्व कप फाइनल का वो मंजर सबको याद है जब टीम इंडिया ने एक लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड कप पर अपना नाम दर्ज कराया था. इस जबरदस्त मैच के हीरो रहे गौतम गंभीर ने 8 साल बाद अपनी 97 रन की पारी के पीछे का सच बताया और खुलासा किया कि उस पारी को शतकीय पारी में बदलने में वो क्यों नाकाम रह गए. श्रीलंका के 275 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया शुरुआत से ही संभल कर खेल तो रही थी मगर कोई भी खिलाड़ी ज्यादा वक्त तक क्रीज पर नहीं खड़ा हो पा रहा था. लेकिन उस वक्त गंभीर की पारी ने उम्मीद और भरोसा दोनों बांधे रखा. गंभीर ने इस पल को याद करते हुए बताया कि शतक से तीन रनों की दूरी पर फाइनल मैच में आउट हो जाने का कारण उस समय के कप्तान एमएस धोनी थे.

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गंभीर ने लल्लनटॉप के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि,”मुझसे कई बार यह सवाल पूछा गया था कि जब मैं 97 रन पर था तब क्या हुआ था. मैं सभी को बताता हूं कि 97 रन पर पहुंचने से पहले मैंने अपने व्यक्तिगत स्कोर के बारे में कभी नहीं सोचा था, मैंने केवल श्रीलंका द्वारा निर्धारित लक्ष्य को देखा और आगे बढ़ता गया”.  गंभीर ने कहा कि, “मुझे याद है, एक ओवर पूरा होने के बाद धोनी ने मुझसे कहा था कि बस तीन रन बाकी हैं तुम्हारे शतक में. इसे पूरा करो”.

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गंभीर ने धोनी पर इल्जाम लगाते हुए बताया कि उस वक्त से पहले उन्होंने अपने शतक के बारे में नहीं सोचा था. उन्हें केवल टीम की जीत से मतलब था. मगर धोनी के इस बात के बाद से उन्होंने अपने व्यक्तिगत स्कोर की तरफ देखना शुरू किया और वो आउट हो गए. वर्ल्ड कप फाइनल मैच में थिसारा परेरा के हाथों अपना विकेट गंवाने वाले गंभीर ने कहा, “यही कारण है कि वर्तमान में बने रहना महत्वपूर्ण है … जब मैं आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम में वापस जा रहा था, तो मैंने खुद से कहा कि ये तीन रन मुझे जीवन भर परेशान करेंगे और यह सच है. इस दिन भी, लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं वो तीन रन क्यों नहीं बना पाया”.  इस ऐतिहासिक मैच में धोनी और गंभीर की शतकीय साझेदारी ने भारत के लिए जीत तो पक्का कर चुकी थी  मगर गंभीर के ये बचे हुए तीन रन हमेशा के लिए चर्चा का एक विषय बनने को तैयार थे.