भारतीय टीम (Team India) के पूर्व सलामी बल्‍लेबाज और मौजूदा समय में पूर्वी दिल्‍ली से सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को केवल एक शानदार क्रिकेटर के तौर पर ही नहीं बल्कि बेहद अच्‍छे इंसान के तौर पर ही जाना जाता है. कोरोनावायरस (Coronavirus) के इस दौर में गुरुवार को गंभीर ने एक ऐसा काम किया जिसके बारे में जानकार आपके दिल में उनके लिए सम्‍मान और बढ़ जाएगा. जी हां, गौतम गंभीर स्‍वयं अपनी घरेलू नौकरानी का अंतिम संस्‍कार करने पहुंचे. Also Read - कोरोना: भारत में एक दिन में सामने आए रिकॉर्ड मामले, संक्रमितों की संख्या 2 लाख सात हज़ार पार

गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अपनी बेटी की देखभाल करने वाली घरेलू नौकरानी का अंतिम संस्‍कार करने पहुंच गए. उन्‍होंने ट्विटर पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, “मेरी बेटी की देखभाग करने को घरेलू सहायक नहीं कहा जा सकता है. वो हमारे परिवार का हिस्‍सा थी. उनका अंतिम संस्‍कार करना मेरी जिम्‍मेदारी थी. मैं हमेशा से ही धर्म, पंत, जाति से उपर उठते हुए सम्‍मानपूर्वक जीवन बिताने में विश्‍वास रखता हूं. यही तरीका है एक बेहतर समाज को बनाने का. भारत को लेकर यही मेरी सोच है. ओम शांति.” Also Read - कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में मदद करेगी गुजरात कोविड म्यूटेशन अध्ययन, जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय 

यह पहला मौका नहीं है जब गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने इस तरह सामाजिक जिम्‍मेदारी उठाई हो. कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में गंभीर ने अपनी दो साल की तनख्‍वाह दान कर दी थी. वहीं, इसके अलावा भी उन्‍होंने 50 लाख रुपये का अतिरिक्‍त अनुदान दिल्‍ली सरकार को दिया था.

गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की भारतीय सेना में काफी दिलचस्‍पी है. वो कई बार यह कह भी चुके हैं कि अगर वो क्रिकेटर नहीं होते तो जरूर आर्मी में सेवाएं देते. यही वजह है कि वो अपनी एनजीओ के माध्‍यम से बॉर्डर पर शहीद हुए जवानों के परिवारों की मदद के लिए भी अक्‍सर आगे आ जाते हैं.