पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) का कहना है कि टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) खेल के प्रति पूरी तरह से जुनूनी थे और वो कभी भी क्रिकेट के मैदान पर किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटे। Also Read - अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर लॉकडाउन के दौरान इस तरह समय बिता रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी

लक्ष्मण ने ट्विटर पर कहा, “बड़े जिज्ञासु और खेल के प्रति पूरी तरह से जुनूनी गौतम गंभीर, क्रिकेट के मैदान पर कभी भी किसी चुनौती से पीछे नहीं हटा, चाहे वह दुनिया का कोई भी मैदान हो और कैसा भी पिच क्यों ना हो। इस खिलाड़ी हमेशा निडरता से सभी चुनौतियों का डट कर सामना किया। वह जानते थे कि उन्हें कैसे इससे निपटना है।” Also Read - ‘1999 के चेन्‍नई टेस्‍ट में सचिन का शतक मुलतान में सहवाग के 309 से ज्‍यादा बड़ा है’

2003 में अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी 20 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 4,154, 5,238 और 932 रन बनाए हैं। गंभीर ने 2007 में टी-20 विश्व कप और साल 2011 में 50 ओवरों के विश्व कप जीताने में टीम के लिए सबसे अहम भूमिका अदा की है। 2007 विश्व कप में उन्होंने सात मैचों में 227 रन बनाए थे।

पाकिस्तान के खिलाफ 2007 टी 20 विश्व कप फाइनल में उन्होंने 75 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर टीम को सम्मान जनक स्कोर तक पहुंचाया था, जिसके बदौलत भारत को इस रोमांचक फाइनल में जीत मिली थी। वहीं 2011 विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने अपने दमपर पारी को संभाला था और 97 रनों की पारी खेली थी। गंभीर के इस दमदार पारी के बुते ही भारत फाइनल में 275 रनों के लक्ष्य को हासिल कर सका था।

गंभीर ने इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स को दो बार 2012 और 2014 में चैंपियन बनाया था। दिसंबर 2018 में उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास ले लिया था। इस समय वह पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद हैं।