साल 2019 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया विश्व कप फाइनल आईसीसी के सबसे विवादित मैचों में से एक बन गया। हालांकि ये विवाद खिलाड़ियों की वजह से नहीं बल्कि काउंसिल के पुराने और अजीब नियम की वजह से हुआ, जिसके आधार पर मैच और सुपर ओवर में स्कोर बराबर होने के बावजूद बाउंड्री ज्यादा होने पर इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया गया। Also Read - थूक के इस्‍तेमाल पर रोक से बिगड़ेगा गेंद-बल्‍ले का संतुलन, अनिल कुंबले का सुझाव, पिच में हो बदलाव

फैंस और क्रिकेट समीक्षकों ने आईसीसी के इस नियम की काफी आलोचना की और अब पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने भी कहा कि न्यूजीलैंड टीम इंग्लैंड के साथ टूर्नामेंट का संयुक्त विजेता बनने की हकदार थी। Also Read - नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाए क्रिकेट जगत, वर्ना वो भी है समस्या का हिस्सा : सैमी

स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ पर गंभीर ने कहा, ‘‘पिछली बार विश्व कप के संयुक्त विजेता होने चाहिए थे। न्यूजीलैंड को विश्व चैंपियन का खिताब मिलना चाहिए था लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण था।’’ Also Read - क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ ने कहा- इस साल टी20 विश्व कप होने की संभावना बेहद कम

पूर्व सलामी बल्लेबाज गंभीर का मानना है कि न्यूजीलैंड ने विश्व कप में हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन उन्हें वो श्रेय नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप उनका ओवरऑल रिकार्ड देखो तो उनके प्रदर्शन में काफी निरंतरता है। पिछले दो विश्व कप में वे उप विजेता रहे और उनके प्रदर्शन में काफी निरंतरता है। मुझे लगता है कि वे जिन भी परिस्थितियों में खेले काफी प्रतिस्पर्धी रहे। हमने उन्हें पर्याप्त श्रेय नहीं दिया।’’