भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का मानना है कि अगर आईसीसी के तहत आने वाले सभी क्रिकेट बोर्ड एक साथ आ जाएं तो टी20 विश्व कप का सफल आयोजन हो सकता है। बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने कहा, “अगर क्रिकेट खेलने वाले सभी देश एक साथ आ सके तो टी20 विश्व कप संभव हो सकता है, अन्यथा मैं इसे होते हुए नहीं देखता।” Also Read - Coronavirus in Indore News: हॉटस्पॉट इंदौर में संक्रमितों की संख्या 3,600 के पार, अब तक 145 मरीजों की मौत

आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “ये बीसीसीआई और आईसीसी और बाकी के बोर्ड पर निर्भर है कि वो क्या सोचते हैं। उन्हें सभी हितधारकों को एक साथ लाना होगा, जिसमें सभी देशों के बोर्ड शामिल हैं और उन्हें एक साथ आकर फैसला लेना होगा।” Also Read - कोरोना काल में विंडीज के 3 खिलाड़ियों ने इंग्लैंड दौरे पर जाने से किया इंकार, जानिए वजह

गंभीर का ये भी कहना है कि जब खिलाड़ी कोविड-19 के बाद मैदान पर लौटेंगे तो उनके दिल में डर होगा। उन्होंने कहा, “ये वैसे हर इंसान पर निर्भर करता है, लेकिन हां जब वो लोग खेलने जाएंगे तो थोड़ा बहुत डर तो होगा ही। हो सकता है कि कुछ समय बाद खिलाड़ी मैदान पर जाने के बाद मैच के माहौल में इस भूल जाएं और मैच में रम जाएं।” Also Read - IPL फ्रेंचाइजी का खिलाड़ियों को लेकर बड़ा बयान, सता रहा इस बात का डर

सलाइवा का विकल्प ढूंढा जाय

कोविड-19 के बाद क्रिकेट की वापसी के बाद गेंद को चमकाने के लिए सलाइवा और पसीने के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बातें चल रही हैं। आईसीसी की क्रिकेट समिति ने भी सलाइवा का उपयोग ना करने की सिफारिश की है जिस पर फैसला अगले महीने होगा। गंभीर को लगता है कि सलाइवा का उपयोग बैन करना खेल के संतुलन को और बिगाड़ देगा जो पहले से ही बल्लेबाजी की तरफ झुका हुआ है।

गंभीर ने कहा, “ये गेंदबाजों के लिए सबसे मुश्किल चीज होगी। आईसीसी को इसके विकल्प के साथ आना होगा। गेंद को चमकाए बिना मुझे नहीं लगता कि बल्ले और गेंद में बराबरी की प्रतिस्पर्धा हो पाएगी। अगर वो सलाइवा का उपयोग प्रतिबंधित करते हैं तो उन्हें फिर इसके किसी विकल्प के साथ आना होगा जिससे गेंद को चमकाने में मदद मिले। ये काफी जरूरी है, नहीं तो क्रिकेट देखने में मजा नहीं आएगा।”