पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का साफ कहना है कि रोहित शर्मा (Rohit Sharma) जैसे खिलाड़ी को अगर टेस्ट टीम में शामिल किया जा रहा है तो उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका दें, वर्ना उन्हें स्क्वाड से बाहर कर दें।

दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान गंभीर ने कहा, “उन्होंने विश्व कप में पांच शतक लगाए हैं तो उनका टेस्ट टीम में शामिल होना जाहिर सी बात है। और अगर आप उन्हें टीम में चुनते हैं तो और मध्य क्रम में जगह नहीं है तो रोहित इतने अच्छे खिलाड़ी हैं कि वो अच्छा करेंगे। अगर आप उन्हें चुन रहें तो उन्हें अंतिम-11 में रखें और अगर नहीं रख पाते हैं तो टेस्ट में उन्हें न चुनें। अभी टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी ही एक ऐसी जगह है जहां वो खेल सकते हैं और मुझे लगता है कि वो इसके लिए तैयार हैं।”

संन्यास को लेकर धोनी से बात करें चयनकर्ता

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के संन्यास की खबरों पर गंभीर ने कहा, “मैंने हमेशा से कहा है कि संन्यास का फैसला हर किसी का निजी फैसला है। मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं को धोनी से बात करनी चाहिए और पूछना चाहिए कि उनकी रणनीति क्या है क्योंकि अगर आप भारत के लिए खेलते तो आप सीरीज का चुनाव अपने हिसाब से नहीं कर सकते।”

टेस्ट टीम में जसप्रीत बुमराह की कमी खलेगी

भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा (Chetan Sharma) ने हाल ही में अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा था कि विराट कोहली (Virat Kohli) को घर में होने वाले टेस्ट मैचों से जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) को आराम देना चाहिए ताकि उन्हें विदेशों के लिए बचाया जा सके।

गंभीर ने कहा, “अगर कोई अच्छा है तो उसे हर परिस्थिति में खेलना चाहिए। ऐसा नहीं है कि आप किसी को सिर्फ विदेशों के लिए चुनें। आप इस तरह से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सकते हैं।”

बुमराह हालांकि चोटिल हैं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो अक्टूबर से शुरू हो रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। गंभीर ने कहा कि बुमराह की कमी निश्चित तौर पर भारतीय टीम को खलेगी।

बुमराह के न होने पर गंभीर ने कहा, “वो टेस्ट में नंबर-1 गेंदबाज हैं। उनकी कमी निश्चित तौर पर खलेगी। इससे मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा को तीन टेस्ट मैच खेलने का मौका मिलेगा। बुमराह किसी भी टीम के लिए किसी भी प्रारूप में बड़ा खतरा है और वो टीम में नहीं है इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा।”