भारतीय टीम (Team India) के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने गुरुवार को कहा कि युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज रिषभ पंत (Rishabh Pant) पर दबाव बनाना सही नहीं है। गंभीर का कहना है कि टीम मैनेजमेंट को उनसे बात करनी चाहिए और उनका साथ देना चाहिए। पंत को खेल के तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम में जगह मिली है। एक ओर जहां वो टेस्ट में अच्छा करने में सफल रहे हैं तो वहीं सीमित ओवरों में उनका शॉट चयन तथा लापरवाह रवैया लोगों के निशाने पर रहा है।

गंभीर ने दिल्ली में एक कार्यक्रम से दौरान संवाददाताओं से कहा, “मुझे लगता है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के ऊपर इस तरह का फोकस करेंगे तो परेशानी होगी। अभी उन्हें एक-डेढ़ साल ही हुआ है अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में। इतने में ही वो टेस्ट में दो शतक जमा चुके हैं। अगर आप बोलेंगे कि आपको उनके शॉट सेलेक्शन से परेशानी है तो ये उनका खेल है। आप उनको टीम में लीजिए या नहीं लीजिए। अगर आप उनको चुन रहे हैं तो फिर आप उनका साथ दीजिए क्योंकि एक युवा खिलाड़ी की इतनी आलोचना सही नहीं है।”

गंभीर ने कहा, “सिर्फ विराट कोहली (Virat Kohli) को ही नहीं कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) को भी पंत से बात करनी चाहिए। टीम मैनेजमेंट का काम ही यही है कि आपका जो खिलाड़ी फॉर्म में नहीं है या फिर गलत शॉट सेलेक्शन कर रहा है, उससे बात कर उसे फॉर्म में लाया जाए और उसके खेल को सुधारा जाए। पंत को स्वतंत्रता देने की जरूरत है।”

रिषभ पंत जैसे ‘वर्ल्ड क्लास’ खिलाड़ी के साथ संयम बरत रहे हैं : कोच रवि शास्त्री

गंभीर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में लगातार उठ रहे हितों के टकराव के मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। हाल ही में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के कोच बनाए गए राहुल द्रविड़ पर हितों के टकराव का आरोप है। इस पर गंभीर ने कहा, “ये काफी मुश्किल सवाल है। राहुल अगर एनसीए के कोच रहते हैं तो इससे बेहतर बात एनसीए, भारत और देश के युवा खिलाड़ियों के नहीं हो सकती।”