भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले ने टेस्ट मैचों में कुल 619 विकेट अपने नाम किए हैं. टीम इंडिया का ये पूर्व कप्तान टेस्ट में भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट झटकने वाला गेंदबाज है. वर्ल्ड टेस्ट क्रिकेट में टेस्ट में सबसे अधिक विकेट चटकाने के मामले में कुंबले तीसरे नंबर पर हैं. टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का कहना है कि यदि  निर्णय समीक्षा प्रणाली (DRS) पहले होती तो कुंबले टेस्ट में 900 से ज्यादा विकेट झटकने में सफल होते. गंभीर ने साथ ही कहा कि से इससे ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को भी फायदा होता. Also Read - लॉकडाउन में बुर्जुग पिता कर रहे इस भारतीय विकेटकीपर की प्रैक्टिस में मदद

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गंभीर ने स्पोर्ट्स तक से इंस्टाग्राम पर बात करते हुए कहा, डीआरएस के साथ कुंबले अपने करियर का अंत 900 से ज्यादा विकेट और हरभजन 700 से ज्यादा विकेट लेकर करते. यह दोनों कई बार फ्रंटफुट पर ही एलबीडब्ल्यू लेने से चूक गए थे. भज्जी पा ने केपटाउन में 7 विकेट लिए थे. जरा सोचिए कि अगर विकेट स्पिनरों की मददगार होती तो विपक्षी टीम 100 रन भी नहीं बना पाती.’ Also Read - शुरुआत में लगा कि ठीक हूं लेकिन अब असहज महसूस कर रहा हूं : आर अश्विन

गंभीर ने कुंबले की कप्तानी की भी तारीफ की और यहां तक कह दिया कि वह उन जैसे कप्तान के लिए अपनी जिंदगी भी दे देंगे. उन्होंने कुंबले से जुड़ा एक किस्सा सुनाया जिससे वो टीम में अपनी जगह को लेकर आश्वस्त हो गए थे.

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गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2008 में खेली गई सीरीज का जिक्र करते हुए कहा, ‘सहवाग और मैं डिनर कर रहे थे और तभी कुंबले आए और कहा कि तुम दोनों पूरी सीरीज में ओपनिंग करोगे चाहे कुछ भी हो. अगर तुम दोनों आठ बार बिना रन बनाए आउट हो भी जाते हो तो भी कुछ नहीं. मैंने अपने करियर में किसी से इस तरह के शब्द नहीं सुने. अगर मुझे किसी के लिए अपनी जिंदगी देनी पड़ी तो मैं अनिल कुंबले के लिए दूंगा. वो शब्द अभी भी मेरे दिल में है.’

पिछले कुछ साल से टीम इंडिया से दरकिनार किए गए हरभजन ने टेस्ट में 417 विकेट लिए हैं. कुंबले ने भारत की ओर से 14 टेस्ट मैचों में कप्तानी की.